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अब माध्यमिक स्कूलों में अनिवार्य होगी कंप्यूटर शिक्षा
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शासन की नई शिक्षा नीति के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने की तैयारी है। जिले के एडेड कॉलेजों में पढ़ने विद्यार्थियों को इससे वाले विद्यार्थियों फायदा होगा।
जिले में 91 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। सभी एडेड कॉलेजों में कंप्यूटर विषय नहीं पढ़ाया जाता है। कुछ ही विद्यालयों में कंप्यूटर की पढ़ाई हो रही है। विद्यालयों में कंप्यूटर वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। विद्यार्थी को कंप्यूटर या अंग्रेजी विषय में से एक विषय लेना होता है। इससे दोनों महत्वपूर्ण विषय पढ़ने वाले छात्र नुकसान में रह जाते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासन की अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर अनिवार्य करने की तैयारी है। शासन ने इस बारे में विद्यालयों से निश्चित प्रारूप पर आधारभूत जानकारी मांगी है। मांगी गई जानकारी में विद्यालयों के नाम, प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों के सृजित पद, कंप्यूटर विषय की मान्यता की हाईस्कूल व इंटर स्तर पर स्थिति आदि है। विद्यालयों से मांगी गई आवश्यक जानकारी मिलने पर कंप्यूटर विषय के शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।
पहल से खुश नजर आ रहे छात्र
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली विद्यार्थियों सुशील सोनी, अमन गुप्ता, खुशी, भोलू वर्मा आदि का कहना है कि नौकरी प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी व कंप्यूटर दोनों विषय की पढ़ाई जरूरी है। पब्लिक स्कूलों में प्राइमरी स्तर से ही कंप्यूटर की पढ़ाई शुरू हो जाती है। यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों में जहां कंप्यूटर विषय पढ़ाया जाता है, वहां अतिरिक्त फीस देनी पड़ती है। इसलिए हर विद्यार्थी चाहते हुए भी कंप्यूटर विषय को नहीं पढ़ सकता है। शासन के इस फैसले से विद्यार्थियों को फायदा होगा।
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इस संबंध में शासन का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होते ही शासन के निर्देशानुसार त्वरित कारवाई की जाएगी।
- अतुल कुमार तिवारी, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया।
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जिले में 91 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। सभी एडेड कॉलेजों में कंप्यूटर विषय नहीं पढ़ाया जाता है। कुछ ही विद्यालयों में कंप्यूटर की पढ़ाई हो रही है। विद्यालयों में कंप्यूटर वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। विद्यार्थी को कंप्यूटर या अंग्रेजी विषय में से एक विषय लेना होता है। इससे दोनों महत्वपूर्ण विषय पढ़ने वाले छात्र नुकसान में रह जाते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासन की अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर अनिवार्य करने की तैयारी है। शासन ने इस बारे में विद्यालयों से निश्चित प्रारूप पर आधारभूत जानकारी मांगी है। मांगी गई जानकारी में विद्यालयों के नाम, प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों के सृजित पद, कंप्यूटर विषय की मान्यता की हाईस्कूल व इंटर स्तर पर स्थिति आदि है। विद्यालयों से मांगी गई आवश्यक जानकारी मिलने पर कंप्यूटर विषय के शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।
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पहल से खुश नजर आ रहे छात्र
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली विद्यार्थियों सुशील सोनी, अमन गुप्ता, खुशी, भोलू वर्मा आदि का कहना है कि नौकरी प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी व कंप्यूटर दोनों विषय की पढ़ाई जरूरी है। पब्लिक स्कूलों में प्राइमरी स्तर से ही कंप्यूटर की पढ़ाई शुरू हो जाती है। यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों में जहां कंप्यूटर विषय पढ़ाया जाता है, वहां अतिरिक्त फीस देनी पड़ती है। इसलिए हर विद्यार्थी चाहते हुए भी कंप्यूटर विषय को नहीं पढ़ सकता है। शासन के इस फैसले से विद्यार्थियों को फायदा होगा।
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इस संबंध में शासन का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होते ही शासन के निर्देशानुसार त्वरित कारवाई की जाएगी।
- अतुल कुमार तिवारी, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया।