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Ballia News: अतिक्रमण पर नहीं हो पाई कार्रवाई

Sun, 13 Jul 2025 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 11:09 PM IST
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No action was taken against the encroachment
चितबड़ागांव। नगर पंचायत क्षेत्र के ऐतिहासिक तेलिया पोखरा और शिव मंदिर के चारों ओर अतिक्रमण पर कार्रवाई अधर में लटक गई है। करीब एक माह पहले सीमांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक रिपोर्ट तहसील कार्यालय से आगे नहीं भेजी गई है। इससे पोखरे का सुंदरीकरण कार्य ठप पड़ा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पोखरे के चारों ओर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण कर निर्माण कराए गए हैं। बीते वर्षों में कई बार नगरवासी राजस्व विभाग और नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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वर्ष 2022 में तत्कालीन चेयरमैन केशरी नंदन त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इस पर डीएम हरि प्रसाद शाही ने एसडीएम सदर राजेश कुमार यादव को आवश्यक कार्रवाई और पैमाइश के निर्देश दिए थे। पांच सदस्यीय टीम बनाकर निरीक्षण और पैमाइश कराई भी गई, लेकिन मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया। 2023 में नवनिर्वाचित चेयरमैन अमरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर तेलिया पोखरा के सुंदरीकरण की योजना रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने वंदन योजना के तहत एक करोड़ रुपये की मंजूरी दी। सफाई कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन अतिक्रमण बीच में बाधा बन गया। इसके बाद चेयरमैन ने मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को फिर पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने की मांग की। बीते 31 मई 2025 को एसडीएम आत्रेय मिश्रा ने फिर पांच सदस्यीय टीम गठित कर 5 जून को सीमांकन कराने का आदेश दिया। तय तारीख पर तहसीलदार सदर के नेतृत्व में टीम ने सीमांकन कर अतिक्रमण की पुष्टि भी की, लेकिन अब तक एक माह बीतने के बाद भी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं भेजी गई है।
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चेयरमैन अमरजीत सिंह ने कहा, जब तक राजस्व विभाग अतिक्रमण मुक्त नहीं कराता, तब तक सुंदरीकरण कार्य संभव नहीं है। मैंने नवागत उपजिलाधिकारी से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्या ने बताया कि अभी तक पैमाइश रिपोर्ट नगर पंचायत कार्यालय को नहीं मिली है। जब तक तहसीलदार द्वारा अभिलेख कार्यालय को नहीं सौंपे जाते, तब तक ध्वस्तीकरण संभव नहीं है। सीमांकन के आधार पर अभिलेखों में पोखरे का नाम दर्ज करने के लिए उपजिलाधिकारी को पत्र सौंपा है। दस्तावेजों के संशोधन के बाद ही राजस्व और पुलिस विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी
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