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बेसिक शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में स्कूल में तबेला
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 25 Mar 2015 10:28 PM IST
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शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में अगर स्कूल की कक्षा में भैंसें बंधी मिलें तो प्रदेश के बाकी स्कूलों का क्या हाल होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।
ये शर्मनाक हकीकत तब सामने आई जब बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए गई सरकारी टीम जिले के बांसडीह ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय दियारा भागड़ में स्कूल में पहुंची।
यह स्कूल बांसडीह के विधायक और प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी का इलाके में आता है। इस स्कूल में 110 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां हेडमास्टर, एक शिक्षामित्र और दो रसोइयों की तैनाती है और वे सभी वेतन ले रहे हैं।
प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा है कि वहां पर तैनात हेडमास्टर और अन्य कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय से मिली सूची के मुताबिक डा. विनोद सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम दियारा भागड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर टीम भौचक रह गई।
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विद्यालय के सभी कमरों में भैंसें बंधी थीं। जबकि सूची के मुताबिक इस विद्यालय में 110 बच्चे पंजीकृत हैं और हेडमास्टर के रूप में अभय सिंह तैनात हैं। यहां एक शिक्षामित्र और दो रसोइयों की भी तैनाती है। टीम ने विद्यालय में भैंसों के बंधे होने की जानकारी तत्काल सीएमओ को दी।
सीएमओ ने आदेश दिया कि यदि विद्यालय में बच्चे नहीं हैं, तो गांव के बच्चों का ही स्वास्थ्य परीक्षण कर किया जाए। इसके बाद टीम ने विद्यालय परिसर में रखे पुआल पर बैठकर गांव के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इसके बाद रोजगार सेवक वीरेंद्र यादव सहित अन्य कई ग्रामीणों ने टीम से लिखित रूप से शिकायत की। कहा कि विद्यालय के हेडमास्टर अभय सिंह और यहां तैनात दूसरे कर्मियों का कोई पता नहीं चलता। ऐसे में इस सत्र में जिन 110 बच्चों का नामांकन हुआ है वे बच्चे निजी विद्यालयों में पढ़ने जाते हैं।
वर्जन..
दियारा भागड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय में भैंस बंधे होने की जानकारी नहीं है। इससे पहले एक बार विद्यालय बंद होने की सूचना मिली थी। विद्यालय पर स्वयं पहुंचकर जांच करूंगा। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलिया
वर्जन..
विद्यालय के बंद होने और उसमें भैंसें बांधे जाने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो स्कूल के हेडमास्टर और वहां तैनात सभी कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग को कड़े निर्देश दिए जाएंगे।
-के. बालाजी, सीडीओ/प्रभारी जिलाधिकारी, बलिया
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ये शर्मनाक हकीकत तब सामने आई जब बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए गई सरकारी टीम जिले के बांसडीह ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय दियारा भागड़ में स्कूल में पहुंची।
यह स्कूल बांसडीह के विधायक और प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी का इलाके में आता है। इस स्कूल में 110 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां हेडमास्टर, एक शिक्षामित्र और दो रसोइयों की तैनाती है और वे सभी वेतन ले रहे हैं।
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प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा है कि वहां पर तैनात हेडमास्टर और अन्य कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय से मिली सूची के मुताबिक डा. विनोद सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम दियारा भागड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर टीम भौचक रह गई।
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विद्यालय के सभी कमरों में भैंसें बंधी थीं। जबकि सूची के मुताबिक इस विद्यालय में 110 बच्चे पंजीकृत हैं और हेडमास्टर के रूप में अभय सिंह तैनात हैं। यहां एक शिक्षामित्र और दो रसोइयों की भी तैनाती है। टीम ने विद्यालय में भैंसों के बंधे होने की जानकारी तत्काल सीएमओ को दी।
सीएमओ ने आदेश दिया कि यदि विद्यालय में बच्चे नहीं हैं, तो गांव के बच्चों का ही स्वास्थ्य परीक्षण कर किया जाए। इसके बाद टीम ने विद्यालय परिसर में रखे पुआल पर बैठकर गांव के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इसके बाद रोजगार सेवक वीरेंद्र यादव सहित अन्य कई ग्रामीणों ने टीम से लिखित रूप से शिकायत की। कहा कि विद्यालय के हेडमास्टर अभय सिंह और यहां तैनात दूसरे कर्मियों का कोई पता नहीं चलता। ऐसे में इस सत्र में जिन 110 बच्चों का नामांकन हुआ है वे बच्चे निजी विद्यालयों में पढ़ने जाते हैं।
वर्जन..
दियारा भागड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय में भैंस बंधे होने की जानकारी नहीं है। इससे पहले एक बार विद्यालय बंद होने की सूचना मिली थी। विद्यालय पर स्वयं पहुंचकर जांच करूंगा। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलिया
वर्जन..
विद्यालय के बंद होने और उसमें भैंसें बांधे जाने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो स्कूल के हेडमास्टर और वहां तैनात सभी कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग को कड़े निर्देश दिए जाएंगे।
-के. बालाजी, सीडीओ/प्रभारी जिलाधिकारी, बलिया