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Ballia News: पुल के एप्रोच मार्ग के लिए पैमाइश, मार्ग बनने से 50 गांवों के लोगों को होगी आसानी
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चितबड़ागांव। दो साल से अधूरे टोंस नदी पर 17.50 करोड़ से बने पुल के एप्रोच मार्ग को पूरा कराने के लिए कवायद तेज हुई है। एसडीएम सदर ने सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ एप्रोच मार्ग के लिए भूमि की पैमाइश की।
नगर पंचायत को करीब 50 गांवों से जोड़ने के लिए टोंस नदी पर पक्का पुल दो वर्ष पूर्व 17.50 करोड़ की लागत से तैयार हुआ था। नगर पंचायत की ओर का एप्रोच मार्ग अब तक नहीं बन सका है। पुल से लोगों का आवागमन बांस की सीढ़ी के सहारे हो रहा था। सोशल मीडिया पर बांस की सीढ़ी से पुल पार करते बच्चों, महिलाओं और लोगों का वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन और सेतु निगम की नींद टूटी।
बुधवार सुबह एसडीएम सदर तिमराज सिंह और सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस राय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान राजस्व विभाग के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने भूमि की पैमाइश की। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एप्रोच मार्ग से जुड़ी समस्याओं का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में तत्कालीन मंत्री और फेफना विधायक उपेन्द्र तिवारी के प्रयास से पुल की स्वीकृति मिली थी। लोनिवि के तत्कालीन राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने 4 मार्च 2022 को आधारशिला रखी थी। सेतु निगम ने पुल का निर्माण तो पूरा कर लिया, दूसरी ओर का एप्रोच मार्ग भी बन गया, लेकिन नगर पंचायत साइड का मार्ग अब तक अधूरा है।
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अमर उजाला ने 9 जुलाई के अंक में सेतु निगम और राजस्व की खींचतान में निर्माण ठप शीर्षक से इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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नगर पंचायत को करीब 50 गांवों से जोड़ने के लिए टोंस नदी पर पक्का पुल दो वर्ष पूर्व 17.50 करोड़ की लागत से तैयार हुआ था। नगर पंचायत की ओर का एप्रोच मार्ग अब तक नहीं बन सका है। पुल से लोगों का आवागमन बांस की सीढ़ी के सहारे हो रहा था। सोशल मीडिया पर बांस की सीढ़ी से पुल पार करते बच्चों, महिलाओं और लोगों का वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन और सेतु निगम की नींद टूटी।
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बुधवार सुबह एसडीएम सदर तिमराज सिंह और सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस राय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान राजस्व विभाग के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने भूमि की पैमाइश की। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एप्रोच मार्ग से जुड़ी समस्याओं का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में तत्कालीन मंत्री और फेफना विधायक उपेन्द्र तिवारी के प्रयास से पुल की स्वीकृति मिली थी। लोनिवि के तत्कालीन राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने 4 मार्च 2022 को आधारशिला रखी थी। सेतु निगम ने पुल का निर्माण तो पूरा कर लिया, दूसरी ओर का एप्रोच मार्ग भी बन गया, लेकिन नगर पंचायत साइड का मार्ग अब तक अधूरा है।
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अमर उजाला ने 9 जुलाई के अंक में सेतु निगम और राजस्व की खींचतान में निर्माण ठप शीर्षक से इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।