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बलिया में मालगाड़ी के तीन वैगन हुए बेपटरी
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 01 Apr 2016 09:44 PM IST
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बलिया-इंदारा मार्ग पर ट्रैक से नीचे उतरे मालगाड़ी के डिब्बे।
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फेफना जंक्शन के पश्चिमी सिग्नल से कुछ दूर आगे रसड़ा-फेफना रेलमार्ग पर क्रासओवर के पास पहुंचते ही मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए। मालगाड़ी के बेपटरी होेने की सूचना पाकर जिला मुख्यालय से तत्काल मुख्य रेलपथ निरीक्षक, स्टेशन अधीक्षक, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंच गए।
हादसे की वजह से दो घंटे तक फेफना-औड़िहार मार्ग बाधित रहा। वहीं फेफना-मऊ मार्ग पर अभी तक काम चल रहा था। इस वजह से कई ट्रेनें प्रभावित रहीं। तकनीकी विभाग शाम तक वैगन बेपटरी होने के कारणों की जांच करने में जुटा रहा।
फेफना जंक्शन पर 30 मार्च से एक मालगाड़ी गिट्टी लादकर खड़ी थी। शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे मालगाड़ी को चिलकहर के लिए रवाना किया गया। जैसे ही मालगाड़ी पश्चिमी क्रासिंग पार कर क्रासओवर पर पहुंची तो इंजन सहित कुछ बोगियां आगे निकल गई और इंजन की ओर से 31, 14 और 16 नंबर की वैगन पटरी से उतर गई। स्पीड तेज होने की वजह से चालक द्वारा पावर ब्रेक लगाने के बाद भी मालगाड़ी करीब 200 मीटर आगे बढ़ गई।
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जिससे दर्जन भर सिमेंटेड स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। उधर मालगाड़ी की बोगियों का कपलिंग हुक टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम के अधिकारियों के निर्देश पर जिला मुख्यालय सहित कई स्टेशन के रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मुख्य रेलपथ निरीक्षक एके प्रजापति के नेतृत्व में तकनीकी टीम वहां पहुंची। टीम ने घटना के बारीकियों का पता लगाने के लिए घंटों जांच-पड़ताल की।
वाद में कंट्रोल रूम के निर्देश पर मालगाड़ी की आगे की 20 बोगियों को 11:54 पर चिलकहर के लिए रवाना कर दिया। जबकि पीछे की बोगियों को दूसरे इंजन से सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। जबकि अन्य बोगियों को दोपहर बाद क्रेन से पटरी पर लाने के बाद उन्हें भी सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। देर शाम तक विभागीय अफसरों ने घटना के कारणों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी। कहा कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।
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हादसे की वजह से दो घंटे तक फेफना-औड़िहार मार्ग बाधित रहा। वहीं फेफना-मऊ मार्ग पर अभी तक काम चल रहा था। इस वजह से कई ट्रेनें प्रभावित रहीं। तकनीकी विभाग शाम तक वैगन बेपटरी होने के कारणों की जांच करने में जुटा रहा।
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फेफना जंक्शन पर 30 मार्च से एक मालगाड़ी गिट्टी लादकर खड़ी थी। शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे मालगाड़ी को चिलकहर के लिए रवाना किया गया। जैसे ही मालगाड़ी पश्चिमी क्रासिंग पार कर क्रासओवर पर पहुंची तो इंजन सहित कुछ बोगियां आगे निकल गई और इंजन की ओर से 31, 14 और 16 नंबर की वैगन पटरी से उतर गई। स्पीड तेज होने की वजह से चालक द्वारा पावर ब्रेक लगाने के बाद भी मालगाड़ी करीब 200 मीटर आगे बढ़ गई।
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जिससे दर्जन भर सिमेंटेड स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। उधर मालगाड़ी की बोगियों का कपलिंग हुक टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम के अधिकारियों के निर्देश पर जिला मुख्यालय सहित कई स्टेशन के रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मुख्य रेलपथ निरीक्षक एके प्रजापति के नेतृत्व में तकनीकी टीम वहां पहुंची। टीम ने घटना के बारीकियों का पता लगाने के लिए घंटों जांच-पड़ताल की।
वाद में कंट्रोल रूम के निर्देश पर मालगाड़ी की आगे की 20 बोगियों को 11:54 पर चिलकहर के लिए रवाना कर दिया। जबकि पीछे की बोगियों को दूसरे इंजन से सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। जबकि अन्य बोगियों को दोपहर बाद क्रेन से पटरी पर लाने के बाद उन्हें भी सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। देर शाम तक विभागीय अफसरों ने घटना के कारणों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी। कहा कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।