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प्रभु श्रीराम को शबरी ने खिलाया जूठा बेर
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:02 AM IST
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रसड़ा नगर की रामलीला में सोमवार को श्रीराम शबरी मिलन हनुमान मिलन, बलि सुग्रीव लड़ाई, अक्षय कुमार वध और लंका दहन का जीवंत मंचन किया गया। जिसे देख दर्शक भावविभोर हो गए। अंत में श्रीराम के जयकारे से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
जटायु के उद्धार के बाद प्रभु श्रीराम अनुज लक्ष्मण के साथ जंगल में आगे की ओर बढ़ते हैं। जहां रास्ते में शबरी से मुलाकात होती है। शबरी ने प्रभु श्रीराम को आदर सत्कार किया। इसके बाद मीठे-मीठे बेर चख-चखकर खिलाने लगी। प्रभु भक्त के भाव को देखकर उसके मीठे बेर को ग्रहण कर उसके मनोकामना पूर्ण की।
इसके बाद सीता की खोज में आगे बढ़े जहां पवन पुत्र हनुमान मिले। दोनों एक-दूसरे की रक्षा करने का संकल्प लिए, जहां से वीर हनुमान प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर किष्किंधा पहुंचे। जहां सुग्रीव और प्रभु श्रीराम का परिचय कराया। सुग्रीव ने बड़े भाई के बालि के अनाचार की कहानी सुनाई।
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फिर प्रभु श्रीराम ने सुग्रीव को बालि से युद्ध करने को कहा। सुग्रीव और बालि में घमासान युद्ध हुआ। इसी बीच श्रीराम ने पेड़ की आड़ लेकर बालि का वध कर दिया। इसके बाद वानरी सेना के साथ श्रीराम समुद्र तट पर पहुंचे, जहां से वीर हनुमान को लंका से सीता मैया का पता लगाने के लिए भेजा गया।
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जटायु के उद्धार के बाद प्रभु श्रीराम अनुज लक्ष्मण के साथ जंगल में आगे की ओर बढ़ते हैं। जहां रास्ते में शबरी से मुलाकात होती है। शबरी ने प्रभु श्रीराम को आदर सत्कार किया। इसके बाद मीठे-मीठे बेर चख-चखकर खिलाने लगी। प्रभु भक्त के भाव को देखकर उसके मीठे बेर को ग्रहण कर उसके मनोकामना पूर्ण की।
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इसके बाद सीता की खोज में आगे बढ़े जहां पवन पुत्र हनुमान मिले। दोनों एक-दूसरे की रक्षा करने का संकल्प लिए, जहां से वीर हनुमान प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर किष्किंधा पहुंचे। जहां सुग्रीव और प्रभु श्रीराम का परिचय कराया। सुग्रीव ने बड़े भाई के बालि के अनाचार की कहानी सुनाई।
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फिर प्रभु श्रीराम ने सुग्रीव को बालि से युद्ध करने को कहा। सुग्रीव और बालि में घमासान युद्ध हुआ। इसी बीच श्रीराम ने पेड़ की आड़ लेकर बालि का वध कर दिया। इसके बाद वानरी सेना के साथ श्रीराम समुद्र तट पर पहुंचे, जहां से वीर हनुमान को लंका से सीता मैया का पता लगाने के लिए भेजा गया।