बलिया: दहेज हत्या मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
एक महिला की हत्या 2018 में कर दी गई थी। उसकी शादी 2008 में हुई थी। महिला के मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के बाद सजा सुनाई है।
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में न्यायालय एएसजे-7 नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने शुक्रवार को दहेज हत्या के मामले में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा प्रत्येक अभियुक्तों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारवास भुगतने का आदेश जारी किया है।
मामला शहर कोतवाली से जुड़ा हुआ है। वादी अशोक सिंह पुत्र राम इकबाल सिंह निवासी गंजरी शिवपुर दियर ने अपनी पुत्री मीना की शादी हिंदू रीति रिवाज से फरवरी 2008 में शेषनाथ सिंह पुत्र सुरेश सिंह के साथ की थी। दहेज के रूप में दो लाख रुपये नगद समेत सोने व चांदी के जेवर दिए थे।
उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ससुरालियों ने तीन अप्रैल 2018 को पुत्री मीना को रात्रि करीब तीन बजे जलाकर हत्या कर दी। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले में चार्जशीट पेश की।
दोनों पक्षों के गवाहों को सुनने के बाद शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय एएसजे-7 नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने अभियुक्त सुनीता सिंह पत्नी संजय सिंह, शेषनाथ उर्फ शेष बहादुर सिंह पुत्र सुरेश सिंह, सुरेश सिंह पुत्र स्व राम पूजन, तेतरी देवी पत्नी सुरेश सिंह, सरिता सिंह पत्नी रंजय सिंह निवासीगण रोहुआं थाना बांसडीहरोड को हत्या, दहेज उत्पीड़न समेत अन्य मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा प्रत्येक अभियुक्तों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।