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Ballia News: मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
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बलिया। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट/एएसजे-8 प्रथमकांत की अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उसके शेष प्राकृत जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 11 जुलाई 2025 को वादी ने नगरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री, जो मानसिक रूप से कमजोर थी, जामुन बीनने गई थी। इसी दौरान अभियुक्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया। तहरीर के आधार पर नगरा पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की।
मंगलवार को पॉक्सो एक्ट/एएसजे-8 की अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अपराध में दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने उसे शेष प्राकृत जीवनकाल तक आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की। अभियोजन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आरोप सिद्ध हुए और अदालत ने अभियुक्त को दोषी मिलने पर सजा सुनाई।
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अभियोजन के अनुसार, 11 जुलाई 2025 को वादी ने नगरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री, जो मानसिक रूप से कमजोर थी, जामुन बीनने गई थी। इसी दौरान अभियुक्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया। तहरीर के आधार पर नगरा पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की।
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मंगलवार को पॉक्सो एक्ट/एएसजे-8 की अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अपराध में दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने उसे शेष प्राकृत जीवनकाल तक आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की। अभियोजन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आरोप सिद्ध हुए और अदालत ने अभियुक्त को दोषी मिलने पर सजा सुनाई।
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