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लेखपालों का उत्पीड़न बंद हो
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Tue, 26 May 2015 10:46 PM IST
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लेखपाल संघ के तत्वावधान में चल रहा धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रखा। छह सूत्रीय मांग पत्र लेखपालों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें कहा गया है कि जिला प्रशासन के उदासीनता के चलते लेखपालों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा लेखपालों पर हो रहे उत्पीड़न बंद हो।
कर्मचारी नेता विजेंद्र सिंह ने कहा प्रशासन द्वारा लेखपालों को गैर तहसीलों में स्थानांतरित कर कार्यभार में बढ़ोत्तरी की जा रही है। बिना कंप्यूटर प्रशिक्षण कराए ही लेखपालों से कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा उनके विभिन्न मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मांगें पूर्ण नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा। महामंत्री राजपूजन राम ने कहा कि उच्च न्यायालय में लंबित वाद के बावजूद जनपद के दस लेखपालों पर किए गए मुकदमा वापस लिए जाए।
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इस मौके पर छट्ठू यादव, रविंद्र यादव, बेचन प्रसाद, चुनमुन मौर्य, शिवप्रसाद गुप्ता, निर्भय नारायण सिंह, राजेश सिंह, महेंद्र सिंह, लक्ष्मीकांत यादव, सुग्रीव यादव, लक्ष्मन सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन विपिन बिहारी राय ने किया।
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कर्मचारी नेता विजेंद्र सिंह ने कहा प्रशासन द्वारा लेखपालों को गैर तहसीलों में स्थानांतरित कर कार्यभार में बढ़ोत्तरी की जा रही है। बिना कंप्यूटर प्रशिक्षण कराए ही लेखपालों से कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा उनके विभिन्न मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मांगें पूर्ण नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा। महामंत्री राजपूजन राम ने कहा कि उच्च न्यायालय में लंबित वाद के बावजूद जनपद के दस लेखपालों पर किए गए मुकदमा वापस लिए जाए।
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इस मौके पर छट्ठू यादव, रविंद्र यादव, बेचन प्रसाद, चुनमुन मौर्य, शिवप्रसाद गुप्ता, निर्भय नारायण सिंह, राजेश सिंह, महेंद्र सिंह, लक्ष्मीकांत यादव, सुग्रीव यादव, लक्ष्मन सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन विपिन बिहारी राय ने किया।