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गंगा-तमसा के तट पर आस्था का समंदर
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Wed, 25 Nov 2015 10:59 PM IST
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महर्षि भृगु की तपोस्थली पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन बुधवार को भोर से ही लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। संगम तट पर आस्था का जैन सैलाब उमड़ा हुआ था।
यहां डुबकी लगाने बिहार के बक्सर, आरा, छपरा, सिवान आदि जनपदों के साथ ही पूर्वांचल के कई जनपदों से भी लाखों श्रद्धालु भृगु क्षेत्र में पहुंचे थे।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य भगवान को जल अर्पित कर घाट पर ब्राह्मणों दान किया। इसके बाद भृगु मंदिर में भृगु बाबा और उनके शिष्य दर्दर मुनि का पूजन-अर्चन कर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।
मंगलवार से ही कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए नगर क्षेत्र में भीड़ जुटने लगी थी। रात में लोग मंदिर, होटल धर्मशाला तथा रेलवे स्टेशन पर शरण लिए थे। ज्यादातर स्नानार्थी गंगा घाट पर पहुंच गए थे।
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शाम होते-होते शहर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। उधर शिवरामपुर गंगा घाट पर गंगा महा आरती देखने हजारों श्रद्धालु इकट्ठा हो गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हो रही आरती में रम गए।
रात करीब 11 बजते-बजते गंगाघाट स्नानार्थियों से भर गया था। आधी रात के बाद संगम तट पर मौजूद लाखों लोगों ने गंगा-तमसा संगम में डुबकी लगानी शुरू कर दी। जैसे-जैसे दिन साफ होता गया, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई।
जिला प्रशासन की माने तो सुबह के करीब आठ बजे तक चार से पांच लाख लोग संगम में डुबकी लगा चुके थे। इसके बाद भृगु बाबा के मंदिर पहुंचकर महर्षि भृगु तथा उनके शिष्य का पूजन-अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की।
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यहां डुबकी लगाने बिहार के बक्सर, आरा, छपरा, सिवान आदि जनपदों के साथ ही पूर्वांचल के कई जनपदों से भी लाखों श्रद्धालु भृगु क्षेत्र में पहुंचे थे।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य भगवान को जल अर्पित कर घाट पर ब्राह्मणों दान किया। इसके बाद भृगु मंदिर में भृगु बाबा और उनके शिष्य दर्दर मुनि का पूजन-अर्चन कर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।
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मंगलवार से ही कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए नगर क्षेत्र में भीड़ जुटने लगी थी। रात में लोग मंदिर, होटल धर्मशाला तथा रेलवे स्टेशन पर शरण लिए थे। ज्यादातर स्नानार्थी गंगा घाट पर पहुंच गए थे।
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शाम होते-होते शहर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। उधर शिवरामपुर गंगा घाट पर गंगा महा आरती देखने हजारों श्रद्धालु इकट्ठा हो गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हो रही आरती में रम गए।
रात करीब 11 बजते-बजते गंगाघाट स्नानार्थियों से भर गया था। आधी रात के बाद संगम तट पर मौजूद लाखों लोगों ने गंगा-तमसा संगम में डुबकी लगानी शुरू कर दी। जैसे-जैसे दिन साफ होता गया, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई।
जिला प्रशासन की माने तो सुबह के करीब आठ बजे तक चार से पांच लाख लोग संगम में डुबकी लगा चुके थे। इसके बाद भृगु बाबा के मंदिर पहुंचकर महर्षि भृगु तथा उनके शिष्य का पूजन-अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की।