{"_id":"5de3f4648ebc3e54d34662a2","slug":"know-aids-brother-no-medicine-made-ballia-news-vns4974118195","type":"story","status":"publish","title_hn":"एड्स के बारे में जानो भाई, नहीं बनी कोई दवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एड्स के बारे में जानो भाई, नहीं बनी कोई दवाई
विज्ञापन
जिला अस्पताल से विश्व एड्स दिवस पर रैली को झंडी दिखाते एसीएमओ डा. केडी प्रसाद एवं सीएमएस बीपी सिं?
- फोटो : BALLIA
बलिया। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र पर रविवार को जिला क्षय रोग एवं जिला सेवा विधिक प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें एड्स से बचाव एवं उसके लक्षण के बारे में विस्तार रूप से लोगों को जानकारी दी गई। इसके बाद जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र से रैली निकाली गई जो रेलवे स्टेशन पर जाकर समाप्त हो गई। रैली का शुुुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रीतम कुमार मिश्रा एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रिचा वर्मा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इसके अलावा राजकीय इंटर कॉलेज बलिया में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। जिसके विजेता टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रीतम कुमार मिश्रा ने बताया कि एड्स एक ऐसी बीमारी है जो एक रोगी से दूसरे रोगी में फैलकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता नष्ट कर देती है। एचआईवी का वायरस मानव शरीर में प्रवेश करने के बाद कई सालों तक निष्क्रिय रहता है। इस दौरान वायरस शरीर के अंदर अपनी संख्या बढ़ाता रहता है श्वेत रक्त कणिकाओं को नष्ट कर देता है। एचआईवी वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद भी 15-20 सालों तक मरीज स्वस्थ दिखता है, लेकिन उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह खत्म हो जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी/ जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि एड्स लाइलाज बीमारी है और इसके होने का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित यौन संबंध है। इस बीमारी से बचाव सिर्फ सुरक्षा में निहित है, जरा सी लापरवाही किसी की भी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा बीपी सिंह ने बताया कि जिन मरीजों में टीबी के लक्षण पाये जाते है, उनको एचआईवी का जांच अवश्य करानी चाहिये। रैली में ‘एड्स के बारे में जानो भाई, नहीं बनी अभी कोई इसकी दवाई’ और ‘एड्स का ज्ञान बचायें जान’ ‘जन जन को बतलाना है एड्स को दूर भगाना है’ आदि के नारे लगाए। वहीं राजकीय इंटर कॉलेज,बलिया के प्रांगण में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सीनियर एवं जूनियर वर्ग में विजेता व उपविजेता टीम के साथ ही सांत्वना पुरस्कार से बच्चों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. एके सवर्णकार, डॉ. मिथलेश सिंह, डॉ.अनिल सिंह, डॉ. आरडी राम, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. संजय कुमार, विशाल सिंह, अमरदीप, अमर शहीद चेतना संस्थान, विहान केयर एण्ड सपोर्ट सेंटर, आईसीटीसी एवं आरएनटीसीपी के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
गोष्ठी के माध्यम से एड्स के रोकथाम की दी गई जानकारी : बलिया। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रविवार को नगर के एक होटल में कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट काशीपुर मिश्र नेउरी के तत्वावधान में जनजागृति गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित महिला एवं सहायता समूह की महिलाओं व पुरुषों को एड्स के रोकथाम व बचाव के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि एड्स जैसी घातक रोग से मनुष्य की लडने की क्षमता नष्ट हो जाती है। उन्होंने संक्रमित सुई, यौन संबंध से बचने की सलाह दी। इसके साथ ही एचआईवी के मरीजों को समय से दवा लेने की सलाह दी। इस मौकेे पर बबीता देवी, रेखा, ममता, रूणु, शांति, सुमन, सुभावती आदि महिलाएं मौजूद रही।
विज्ञापन
जागरूकता के लिए किया अनुरोध : बलिया। राष्टीय सेवा योजना टीडी कालेज बलिया के तत्वावधान में रविवार को विश्व एड़्स दिवस के अवसर पर कालेज परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें एड्स के रोकथाम व बचाव के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार ने स्वयं सेवकों को एड्स व एचआईवी से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजीत कुमार सिंह ने स्वयं सेवक व सेविकाओं को एड्स की रोकथाम के लिए आगे बढ़कर लोगों में जागरूकता फैलाने की अनुरोध किया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने किया।
विज्ञापन
इसके अलावा राजकीय इंटर कॉलेज बलिया में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। जिसके विजेता टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रीतम कुमार मिश्रा ने बताया कि एड्स एक ऐसी बीमारी है जो एक रोगी से दूसरे रोगी में फैलकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता नष्ट कर देती है। एचआईवी का वायरस मानव शरीर में प्रवेश करने के बाद कई सालों तक निष्क्रिय रहता है। इस दौरान वायरस शरीर के अंदर अपनी संख्या बढ़ाता रहता है श्वेत रक्त कणिकाओं को नष्ट कर देता है। एचआईवी वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद भी 15-20 सालों तक मरीज स्वस्थ दिखता है, लेकिन उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह खत्म हो जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी/ जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि एड्स लाइलाज बीमारी है और इसके होने का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित यौन संबंध है। इस बीमारी से बचाव सिर्फ सुरक्षा में निहित है, जरा सी लापरवाही किसी की भी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा बीपी सिंह ने बताया कि जिन मरीजों में टीबी के लक्षण पाये जाते है, उनको एचआईवी का जांच अवश्य करानी चाहिये। रैली में ‘एड्स के बारे में जानो भाई, नहीं बनी अभी कोई इसकी दवाई’ और ‘एड्स का ज्ञान बचायें जान’ ‘जन जन को बतलाना है एड्स को दूर भगाना है’ आदि के नारे लगाए। वहीं राजकीय इंटर कॉलेज,बलिया के प्रांगण में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सीनियर एवं जूनियर वर्ग में विजेता व उपविजेता टीम के साथ ही सांत्वना पुरस्कार से बच्चों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. एके सवर्णकार, डॉ. मिथलेश सिंह, डॉ.अनिल सिंह, डॉ. आरडी राम, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. संजय कुमार, विशाल सिंह, अमरदीप, अमर शहीद चेतना संस्थान, विहान केयर एण्ड सपोर्ट सेंटर, आईसीटीसी एवं आरएनटीसीपी के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
गोष्ठी के माध्यम से एड्स के रोकथाम की दी गई जानकारी : बलिया। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रविवार को नगर के एक होटल में कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट काशीपुर मिश्र नेउरी के तत्वावधान में जनजागृति गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित महिला एवं सहायता समूह की महिलाओं व पुरुषों को एड्स के रोकथाम व बचाव के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि एड्स जैसी घातक रोग से मनुष्य की लडने की क्षमता नष्ट हो जाती है। उन्होंने संक्रमित सुई, यौन संबंध से बचने की सलाह दी। इसके साथ ही एचआईवी के मरीजों को समय से दवा लेने की सलाह दी। इस मौकेे पर बबीता देवी, रेखा, ममता, रूणु, शांति, सुमन, सुभावती आदि महिलाएं मौजूद रही।
विज्ञापन
जागरूकता के लिए किया अनुरोध : बलिया। राष्टीय सेवा योजना टीडी कालेज बलिया के तत्वावधान में रविवार को विश्व एड़्स दिवस के अवसर पर कालेज परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें एड्स के रोकथाम व बचाव के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार ने स्वयं सेवकों को एड्स व एचआईवी से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजीत कुमार सिंह ने स्वयं सेवक व सेविकाओं को एड्स की रोकथाम के लिए आगे बढ़कर लोगों में जागरूकता फैलाने की अनुरोध किया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने किया।