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जेल में जैमर, फोन पर नकेल
ballia
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:47 PM IST
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जेल
- फोटो : अमर उजाला
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अब जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था और चुस्त होने जा रही है। जेल से कोई भी अपराधी मोबाइल से बाहर किसी से बात नहीं कर सकेगा। कारण कि जिला कारागार में दो करोड़ 14 लाख 40 हजार की लागत से चार जैमर लगाने का कार्य संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा शुरू कर दिया गया है। जो एक पखवाड़े के अंदर काम करने लगेगा। इसके लगने से कारागार प्रशासन को काफी सहूलियत मिलेगी।
प्रदेश के कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के 12 संवेदनशील कारागारों में मोबाइल जैमर लगाने के लिए शासन द्वारा कारागार अधीक्षकों के शिकायत पर जांचकर चयन किया गया था। जिसमें जिला कारागार भी शामिल था। इसके अलावा केंद्रीय कारागार बरेली, जिला कारागार फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, मुरादाबाद, इटावा, बुलंदशहर, मैनपुरी, झांसी व जौनपुर शामिल हैं। प्रदेश के 12 संवेदनशील कारागारों में मोबाइल जैमर स्थापित करने के लिए शासन ने कुल 71 करोड़ 28 लाख 80 हजार रुपये कार्यदाई संस्था इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन आफ इंडिया को उपलब्ध करा दिया था। शासन ने जिला कारागार में चार मोबाइल जैमर स्थापित करने के लिए दो करोड़ 14 लाख 40 हजार रुपये कार्यदार्यी संस्था को उपलब्ध करा दिया था। जिसमें एक सम्पूर्ण यूनिट की लागत 53 लाख 60 हजार रुपये है। इसे 31 मार्च 2017 तक सभी संवेदनशील कारागारों में लगाने का कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया था। लेकिन कार्यदायी संस्था ने निर्धारित समय से छह माह बाद जिला कारागार में मोबाइल जैमर लगाना आरम्भ कर दिया है। जो एक पखवाड़े के अंदर अपना कार्य करना शुरू कर देगा। इसके स्थापित होने से जिला कारागार में निरूद्ध कैदी अब किसी से भी बात नहीं कर सकेेंगे।
इसके स्थापित होने से कारागार के पास मौजूद घर भी प्रभावित हो सकते हैं। जिनका मोबाइल काम नहीं कर सकेगा। हालांकि कारागार प्रशासन कारागार तक ही जैमर को सक्रिय करने का प्रयास करेगा। बावजूद कारागार के पास मौजूद घर प्रभावित अवश्य होंगे।
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प्रदेश के कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के 12 संवेदनशील कारागारों में मोबाइल जैमर लगाने के लिए शासन द्वारा कारागार अधीक्षकों के शिकायत पर जांचकर चयन किया गया था। जिसमें जिला कारागार भी शामिल था। इसके अलावा केंद्रीय कारागार बरेली, जिला कारागार फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, मुरादाबाद, इटावा, बुलंदशहर, मैनपुरी, झांसी व जौनपुर शामिल हैं। प्रदेश के 12 संवेदनशील कारागारों में मोबाइल जैमर स्थापित करने के लिए शासन ने कुल 71 करोड़ 28 लाख 80 हजार रुपये कार्यदाई संस्था इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन आफ इंडिया को उपलब्ध करा दिया था। शासन ने जिला कारागार में चार मोबाइल जैमर स्थापित करने के लिए दो करोड़ 14 लाख 40 हजार रुपये कार्यदार्यी संस्था को उपलब्ध करा दिया था। जिसमें एक सम्पूर्ण यूनिट की लागत 53 लाख 60 हजार रुपये है। इसे 31 मार्च 2017 तक सभी संवेदनशील कारागारों में लगाने का कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया था। लेकिन कार्यदायी संस्था ने निर्धारित समय से छह माह बाद जिला कारागार में मोबाइल जैमर लगाना आरम्भ कर दिया है। जो एक पखवाड़े के अंदर अपना कार्य करना शुरू कर देगा। इसके स्थापित होने से जिला कारागार में निरूद्ध कैदी अब किसी से भी बात नहीं कर सकेेंगे।
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इसके स्थापित होने से कारागार के पास मौजूद घर भी प्रभावित हो सकते हैं। जिनका मोबाइल काम नहीं कर सकेगा। हालांकि कारागार प्रशासन कारागार तक ही जैमर को सक्रिय करने का प्रयास करेगा। बावजूद कारागार के पास मौजूद घर प्रभावित अवश्य होंगे।
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