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कार्य के प्रति लापरवाही पर पेशकार को हटाने के निर्देश
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बेल्थरा में सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करती मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी।
- फोटो : BALLIA
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बेल्थरारोड। मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने गुरुवार को बेल्थरारोड तहसील का निरीक्षण किया। इस दौरान तहसीलदार कोर्ट में काफी फाइलें लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त की और पेशकार को तुरंत वहां से हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने एसडीएम के कार्य की तो सराहना की, पर अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य की भी मॉनिटरिंग करते रहने के निर्देश दिए।
तहसील के निरीक्षण के दौरान फाइलों के रखरखाव और वादों के निस्तारण पर कमिश्नर का विशेष जोर रहा। उन्होंने पाया कि तहसीलदार कोर्ट में दाखिल-खारिज के काफी ऐसे मामले हैं, जिनमें कोई विवाद ही नहीं है। कुछ ऐसे भी मामले मिले जिनमें बिना किसी साक्ष्य के आपत्ति की गई थी। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अविवादित मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाए। बिना साक्ष्य के कोई आपत्ति मिले तो उसे भी तत्काल खारिज कर दें।
कमिश्नर ने कहा कि अनावश्यक लंबित मामलों में एसडीएम-तहसीलदार की भी जवाबदेही तय होगी। इसलिए कोर्ट का काम सिर्फ पेशकार के भरोसे ही न छोड़ें। सीमांकन से जुड़े वाद भी काफी समय से लंबित मिले, जिसे निपटाने का निर्देश दिया। दाखिल खारिज का एक मामला चार साल से लंबित था, जिसमें कानूनगो की रिपोर्ट लगने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस पर कमिश्नर ने तहसीलदार को कड़ी चेतावनी दी। साथ ही ऐसे कुछ मामलों की पत्रावली अपने साथ लेती गईं। माना जा रहा है कि इसका विधिवत परीक्षण करने के बाद जिसकी लापरवाही पाई जाएगी, उस पर कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान कुछ शिकायतकर्ताओं ने तहसीलदार की शिकायत की, जिसकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश अपर आयुक्त, आजमगढ़ मंडल को दिया गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, एसडीएम राजेश यादव साथ थे।
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शौचालय का धन रोकने पर दिखीं नाराज
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने अपने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान गुरुवार को विकासखंड सीयर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान खासतौर पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण का धन रोककर रखने पर नाराजगी व्यक्त की। चेताया कि शनिवार तक अगर लाभार्थियों के खाते में धनराशि नहीं पहुंची तो संबंधित एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ शासन स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ब्लॉक के सचिव आशुतोष व नित्यानंद के खाते में क्रमश: 28 लाख व 13 लाख धनराशि मिली। यह धन लाभार्थियों के खाते में होना चाहिए। इस पर कमिश्नर ने सीडीओ को निर्देश दिया कि शनिवार तक अगर यह धन लाभार्थियों के खाते में नहीं पहुंचा तो मुझे बताएं। संबंधित एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायत में धनराशि डम्प हालत में मिले, उनकी सूची दें।
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तहसील के निरीक्षण के दौरान फाइलों के रखरखाव और वादों के निस्तारण पर कमिश्नर का विशेष जोर रहा। उन्होंने पाया कि तहसीलदार कोर्ट में दाखिल-खारिज के काफी ऐसे मामले हैं, जिनमें कोई विवाद ही नहीं है। कुछ ऐसे भी मामले मिले जिनमें बिना किसी साक्ष्य के आपत्ति की गई थी। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अविवादित मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाए। बिना साक्ष्य के कोई आपत्ति मिले तो उसे भी तत्काल खारिज कर दें।
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कमिश्नर ने कहा कि अनावश्यक लंबित मामलों में एसडीएम-तहसीलदार की भी जवाबदेही तय होगी। इसलिए कोर्ट का काम सिर्फ पेशकार के भरोसे ही न छोड़ें। सीमांकन से जुड़े वाद भी काफी समय से लंबित मिले, जिसे निपटाने का निर्देश दिया। दाखिल खारिज का एक मामला चार साल से लंबित था, जिसमें कानूनगो की रिपोर्ट लगने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस पर कमिश्नर ने तहसीलदार को कड़ी चेतावनी दी। साथ ही ऐसे कुछ मामलों की पत्रावली अपने साथ लेती गईं। माना जा रहा है कि इसका विधिवत परीक्षण करने के बाद जिसकी लापरवाही पाई जाएगी, उस पर कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान कुछ शिकायतकर्ताओं ने तहसीलदार की शिकायत की, जिसकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश अपर आयुक्त, आजमगढ़ मंडल को दिया गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, एसडीएम राजेश यादव साथ थे।
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शौचालय का धन रोकने पर दिखीं नाराज
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने अपने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान गुरुवार को विकासखंड सीयर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान खासतौर पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण का धन रोककर रखने पर नाराजगी व्यक्त की। चेताया कि शनिवार तक अगर लाभार्थियों के खाते में धनराशि नहीं पहुंची तो संबंधित एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ शासन स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ब्लॉक के सचिव आशुतोष व नित्यानंद के खाते में क्रमश: 28 लाख व 13 लाख धनराशि मिली। यह धन लाभार्थियों के खाते में होना चाहिए। इस पर कमिश्नर ने सीडीओ को निर्देश दिया कि शनिवार तक अगर यह धन लाभार्थियों के खाते में नहीं पहुंचा तो मुझे बताएं। संबंधित एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायत में धनराशि डम्प हालत में मिले, उनकी सूची दें।