{"_id":"65dba3dc38e3fffd370eb4da","slug":"instead-of-farming-tractor-trolleys-are-carrying-passengers-people-are-losing-their-lives-ballia-news-c-190-1-ana1001-112233-2024-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: खेती-बारी की जगह ट्रैक्टर-ट्रालियों से ढो रहे सवारी, जान गंवा रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: खेती-बारी की जगह ट्रैक्टर-ट्रालियों से ढो रहे सवारी, जान गंवा रहे लोग
विज्ञापन
बलिया। शहर की सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीकों से बिना परमिट और फिटनेस के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ रही हैं। जिन ट्रैक्टर व ट्रॉलियों को खेतीबाड़ी के लिए सब्सिडी पर किसान खरीदता है, उनका अधिकतर दुरुपयोग हो रहा है। इनमें गैर कानूनी रूप से और नियमों को ताक पर रखकर बालू गिट्टी व ईंट ढोने में काम किया जा रहा है। हद तो तब हो जा रही जब इसका प्रयोग सवारी ढोने में किया जा रहा है। मांगलिक सहित अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसका प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।
शहर लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर प्रशासन के आंख के सामने सवारी लोड कर फर्राटा भरते हैं। माल वाहक वाहनों में लोगों को लेकर चलने पर सख्ती से रोक लगाने के नाम पर प्रशासन कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति करता है। त्योहारी और लगन सीजन में लोग नियम कानून भूल कर ट्रैक्टर ट्रालियों, पिकअप, लोडर आदि से स्नान करने, मुंडन संस्कारों और वैवाहिक उत्सव में शामिल होने जाते हैं। शहरों में तो यह स्थिति कम नजर आती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह नजारा आम है। कई बार हो चुके बड़े हादसों के बावजूद न तो लोग चेत रहे हैं और न ही अधिकारी सख्ती बरत रहे हैं। ऐसे में लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही कभी भी खुशियाें को गमों में बदल सकती हैं। कार्यवाही के नाम पर विभाग चंद वाहनों का चालान कर खानापूर्ति कर दे रहा है।
विज्ञापन
शहर लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर प्रशासन के आंख के सामने सवारी लोड कर फर्राटा भरते हैं। माल वाहक वाहनों में लोगों को लेकर चलने पर सख्ती से रोक लगाने के नाम पर प्रशासन कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति करता है। त्योहारी और लगन सीजन में लोग नियम कानून भूल कर ट्रैक्टर ट्रालियों, पिकअप, लोडर आदि से स्नान करने, मुंडन संस्कारों और वैवाहिक उत्सव में शामिल होने जाते हैं। शहरों में तो यह स्थिति कम नजर आती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह नजारा आम है। कई बार हो चुके बड़े हादसों के बावजूद न तो लोग चेत रहे हैं और न ही अधिकारी सख्ती बरत रहे हैं। ऐसे में लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही कभी भी खुशियाें को गमों में बदल सकती हैं। कार्यवाही के नाम पर विभाग चंद वाहनों का चालान कर खानापूर्ति कर दे रहा है।
विज्ञापन