{"_id":"62573b4147144839a34563cd","slug":"infamous-schools-were-made-examination-centers-in-ballia","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Ballia Paper Leak Case: बलिया में टॉपर देने वाले स्कूलों को काट नकल के लिए बदनाम विद्यालयों को बनाया परीक्षा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia Paper Leak Case: बलिया में टॉपर देने वाले स्कूलों को काट नकल के लिए बदनाम विद्यालयों को बनाया परीक्षा केंद्र
Thu, 14 Apr 2022 10:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 14 Apr 2022 10:25 AM IST
सार
आधारभूत सुविधाओं पर ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले विद्यालय को ही परीक्षा केंद्र बनाने की संस्तुति करनी थी, लेकिन जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने खूब धांधली की।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : Amar Ujala Graphics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलिया में नकल माफिया व जिला प्रशासन के गठजोड़ ने परीक्षा केंद्र निर्धारण में टॉपर देने वाले स्कूल भी काट दिए जबकि शासन की ओर से वित्तविहीन स्कूलों को सबसे कम अंक निर्धारण का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद सत्यापन करने के दौरान जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने नकल के लिए बदनाम स्कूलों को परीक्षा केंद्र के लिए पास कर दिया।
विज्ञापन
शासन की ओर से परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए आधारभूत सुविधाओं पर नंबर देने का प्रावधान किया गया था। इसके तहत इंटरमीडिएट स्तर का विद्यालय होने पर 20 अंक, हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों को 10 अंक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय को 50 अंक, एडेड को 30 अंक देने थे। इसके अलावा वित्तविहीन को 10 अंक देना था। सीसीटीवी कैमरा होने पर 10 अंक और 2020 में परीक्षा केंद्र बने विद्यालयों को 20 अंक देने थे। 10वीं और 12वीं में 90 फीसदी रिजल्ट देने वाले विद्यालय को 10-10 अंक देने थे।
विज्ञापन
आधारभूत सुविधाओं पर ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले विद्यालय को ही परीक्षा केंद्र बनाने की संस्तुति करनी थी, लेकिन जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने खूब धांधली की। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर्व में लगातार दो वर्षों तक 10वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉपर देने वाले स्कूल तिलेश्वरी देवी बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरा पतोई और जीएस हायर सेकेंडरी स्कूल भीमपुरा के दावे खारिज कर दिए गए, जबकि संसाधन पूरे होने की वजह से वह हमेशा परीक्षा केंद्र बनते थे। इतना ही नहीं कई वित्तविहीन स्कूल तो पहली बार केंद्र बन गए जबकि अंकों के आधार पर पूर्व के बने केंद्र की अपेक्षा इनके नंबर अधिक नहीं हो पाते।
विज्ञापन
पत्रकारों का प्रदर्शन देख कलेक्ट्रेट से डीएम-एसपी हुए रफूचक्कर
इंटरमीडिएट अंग्रेजी पेपर लीक मामले में जिला प्रशासन की ओर से निर्दोष तीन पत्रकारों को जेल भेजने से आंदोलित पत्रकारों ने बुधवार को डीएम-एसपी को जिले से भगाने के लिए सूप बजा कर प्रदर्शन किया। जिस समय यह प्रदर्शन किया गया उस समय कलेक्ट्रेट में डीएम-एसपी बैठक कर रहे थे। जब पत्रकार ..ईशर पइसे, दरिद्र भागे.. बोलते हुए सूप बजाकर जिलाधिकारी कार्यालय की परिक्रमा करने लगे तो धीरे-धीरे अधिकारी अपनी गाड़ियों में बैठकर रफूचक्कर हो गए।
दीपावली के पहले घर की माताएं घर में ईश्वर व लक्ष्मी के निवास के लिए और दरिद्रता को भगाने के लिए सूप बजाती हैं। साथ में कहती हैं ..ईशर पइसे, दरिद्र भागे..। बुधवार को डीएम और एसपी को जिले से भगाने के लिए पत्रकारों ने इसी तरीके से प्रदर्शन किया। सूप बजाने के बाद सभी सूपों को जलाया भी गया। परिसर में ही पत्रकारों का क्रमिक अनशन चल रहा है। इस दौरान पत्रकारों ने पेपर लीक मामले में जिला प्रशासन की जमकर बखिया उधेड़ी। डीएम व एसपी के खिलाफ नारेबाजी की गई और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया गया।