{"_id":"6a8c8a55da3aac11d40a54b8","slug":"sanitation-workers-at-the-womens-hospital-refrained-from-cleaning-for-three-hours-due-to-grievances-over-unpaid-wages-ballia-news-c-190-1-ana1001-171359-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: वेतन की टीस में सफाईकर्मियों ने 3 घंटे नहीं की महिला अस्पताल की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: वेतन की टीस में सफाईकर्मियों ने 3 घंटे नहीं की महिला अस्पताल की सफाई
विज्ञापन
तीसरे तल पर वार्ड के बाद कूडादान उपर तक भरा हुआ था, उसके आसपास गंदगी लगी हुई थी। संवाद
बलिया। जिला महिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर तैनात सफाईकर्मियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे सोमवार को सफाईकर्मियों ने काम नहीं किया। तीन घंटे तक सफाई नहीं होने से अस्पताल के डस्टबिन बायोमेडिकल वेस्ट से भरे रहे।
जिला महिला अस्पताल में लखनऊ की एक कंपनी को सफाई टेंडर मिला है। कंपनी की ओर से शासन के मानक के अनुसार सफाई नहीं की जाती है। तय मानक से कर्मचारियों की संख्या भी कम है। करीब 20 से 22 सफाईकर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करते हैं। इन कर्मचारियों के जिम्मे अस्पताल परिसर के साथ ओपीडी, सीएमएस कार्यालय, एसएनसीयू वार्ड, प्रसव कक्ष, सामान्य वार्ड, ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य कक्षों की सफाई व्यवस्था है। ऐसे में कर्मचारियों के कुछ घंटे काम से दूर रहने पर ही अस्पताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई।
सुबह 10. 08 बजे ऑपरेशन थिएटर की सबसे पहले सफाई होनी चाहिए। रविवार की छुट्टी व सोमवार की सुबह तक सफाई न होने से वार्ड में बेड के नीचे जहां-तहां गंदगी फैली हुई थी। इसी तरह से सुबह 10.15 बजे तीसरे तल पर वार्ड के बाहर कूड़ेदान ऊपर तक भरा हुआ था, उसके आसपास दवाइयों के पैकेट बिखरे हुए थे। वार्डों में भी यही हाल रहा। चाय के कप, चिप्स के पैकेट बिखरे पड़े थे। प्रसूता को उमस भरी गर्मी में गंदगी से संक्रमण का खतरा बना हुआ था। सुबह 10.25 बजे पैथोलॉजी के गेट के पीछे दवा व जांच कीट का खाली डब्बा सहित अन्य मेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ था। उसके आसपास महिलाएं खून जांच कराने के लिए बैठी थी। कुछ रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह कुछ समय के लिए सफाईकर्मियों ने काम नहीं किया था। उन्हें समझाने के बाद उन्होंने काम शुरू कर दिया। सफाई करने वाली कंपनी की टेंडर प्रक्रिया के कारण वेतन भुगतान में विलंब हुआ था। दोपहर तक सभी सफाईकर्मियों को वेतन का भुगतान कर दिया गया। - डॉ. राकेश चंद्रा, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल,
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में लखनऊ की एक कंपनी को सफाई टेंडर मिला है। कंपनी की ओर से शासन के मानक के अनुसार सफाई नहीं की जाती है। तय मानक से कर्मचारियों की संख्या भी कम है। करीब 20 से 22 सफाईकर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करते हैं। इन कर्मचारियों के जिम्मे अस्पताल परिसर के साथ ओपीडी, सीएमएस कार्यालय, एसएनसीयू वार्ड, प्रसव कक्ष, सामान्य वार्ड, ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य कक्षों की सफाई व्यवस्था है। ऐसे में कर्मचारियों के कुछ घंटे काम से दूर रहने पर ही अस्पताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई।
विज्ञापन
सुबह 10. 08 बजे ऑपरेशन थिएटर की सबसे पहले सफाई होनी चाहिए। रविवार की छुट्टी व सोमवार की सुबह तक सफाई न होने से वार्ड में बेड के नीचे जहां-तहां गंदगी फैली हुई थी। इसी तरह से सुबह 10.15 बजे तीसरे तल पर वार्ड के बाहर कूड़ेदान ऊपर तक भरा हुआ था, उसके आसपास दवाइयों के पैकेट बिखरे हुए थे। वार्डों में भी यही हाल रहा। चाय के कप, चिप्स के पैकेट बिखरे पड़े थे। प्रसूता को उमस भरी गर्मी में गंदगी से संक्रमण का खतरा बना हुआ था। सुबह 10.25 बजे पैथोलॉजी के गेट के पीछे दवा व जांच कीट का खाली डब्बा सहित अन्य मेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ था। उसके आसपास महिलाएं खून जांच कराने के लिए बैठी थी। कुछ रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह कुछ समय के लिए सफाईकर्मियों ने काम नहीं किया था। उन्हें समझाने के बाद उन्होंने काम शुरू कर दिया। सफाई करने वाली कंपनी की टेंडर प्रक्रिया के कारण वेतन भुगतान में विलंब हुआ था। दोपहर तक सभी सफाईकर्मियों को वेतन का भुगतान कर दिया गया। - डॉ. राकेश चंद्रा, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल,

तीसरे तल पर वार्ड के बाद कूडादान उपर तक भरा हुआ था, उसके आसपास गंदगी लगी हुई थी। संवाद