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लगातार बारिश से किसान खुश
ballia
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:36 PM IST
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झमाझम बारिश के दौरान अपने गंतव्य को जाते लोग।
- फोटो : ballia
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कवि घाघ की कविता रोहिणी बरसे मृग तपै कुछ-कुछ अद्रा जाय... पूरी तरह चरितार्थ हो रही है और पिछले पांच दिनों से रुक-रुक बरसात हो रही है। आसमान में बादल छाने, रुक-रुक बारिश होने और हवा चलने से मौसम में ठंडापन हो गया है। लगातार रिमझिम बारिश को देख किसानों की बाछें खिल गई हैं।
खासकर खेती किसानी के लिए आज भी लोग कवि घाघ की कहावतों पर विश्वास करते हैं। अब आषाढ़ महीना समाप्त होने में चार दिन ही बाकी है और पिछले पांच दिनों से लगातार रुक-रुक बारिश हो रही है। घाघ की कहावत रोहिणी बरसे मृग तपै कुछ-कुछ अद्रा जाय, कहै घाघ सुने घाघिनी स्वान भात न खाय। घाघ की यह कहावत पूरी तरह देखने को मिल रही है। रोहिणी में बारिश के बाद अद्रा में हो रही बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में धान की रोपाई जोरों पर है। किसानों की मानें तो आसमान में बादल और रिमझिम बारिश के बीच रोपे गए धान के बीजड़े जल्दी खराब नहीं होते हैं और धूप नहीं होने के कारण खेतों का पानी भी गर्म नहीं होता है।
घाघ की कहावतों के अनुसार इस मौसम में बारिश से धान का पैदावार काफी होता है। लगातार कई दिनों से आसमान में बादल और रुक-रुक रिमझिम बारिश के चलते मौसम पूरी तरह बदला हुआ है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। आलम यह है कि बुधवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और कभी बूंदा-बांदी तो कभी रिमझिम बारिश होती रही।
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खासकर खेती किसानी के लिए आज भी लोग कवि घाघ की कहावतों पर विश्वास करते हैं। अब आषाढ़ महीना समाप्त होने में चार दिन ही बाकी है और पिछले पांच दिनों से लगातार रुक-रुक बारिश हो रही है। घाघ की कहावत रोहिणी बरसे मृग तपै कुछ-कुछ अद्रा जाय, कहै घाघ सुने घाघिनी स्वान भात न खाय। घाघ की यह कहावत पूरी तरह देखने को मिल रही है। रोहिणी में बारिश के बाद अद्रा में हो रही बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में धान की रोपाई जोरों पर है। किसानों की मानें तो आसमान में बादल और रिमझिम बारिश के बीच रोपे गए धान के बीजड़े जल्दी खराब नहीं होते हैं और धूप नहीं होने के कारण खेतों का पानी भी गर्म नहीं होता है।
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घाघ की कहावतों के अनुसार इस मौसम में बारिश से धान का पैदावार काफी होता है। लगातार कई दिनों से आसमान में बादल और रुक-रुक रिमझिम बारिश के चलते मौसम पूरी तरह बदला हुआ है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। आलम यह है कि बुधवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और कभी बूंदा-बांदी तो कभी रिमझिम बारिश होती रही।
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