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बीता आधा बरसात, लक्ष्य से कोसों दूर है अमृत सरोवर योजना

Wed, 03 Aug 2022 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:24 AM IST
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Half the rain has passed, Amrit Sarovar Yojana is far from the target
बेरूआरबारी ब्लाक सुल्तानपुर गांव में बना अमृत सरोवर। - फोटो : BALLIA
बलिया। शासन की ओर से प्रत्येक गांव में दो अमृत सरोवर बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत जिले में कुल 1880 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। प्रत्येक अमृत सरोवर कुल एक एकड़ क्षेत्रफल में बनने हैं। लेकिन अबतक 68 अमृत सरोवर ही तैयार हो सके हैं, जबकि आधा बरसात बीत चुका है। उद्देश्य था कि अमृत सरोवर में बारिश की अमृत बूंदे संजोई जाएगी जिससे भूगर्भ जलस्तर में सुधार हो सके। हालांकि अभी कई तालाबों पर अतिक्रमण होने के कारण यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रहा।
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जल संरक्षण की दिशा में सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसके लिए तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है। शुरुआत में सरकार ने 75 अमृत सरोवर विकसित करने को कहा लेकिन बाद में प्रत्येक गांव में दो अमृत सरोवर विकसित करने का निर्देश दिया। इससे जल संरक्षण के साथ प्राकृतिक सौंदर्य भी बढ़ेगा। 17 विकास खंडों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवरों के निर्माण का कार्य शुरु है। योजना के तहत एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले तालाबों का ही चयन किया गया है। अमृत सरोवर निर्माण पर ग्राम निधि व मनरेगा से खर्च किया जाना है। प्रत्येक अमृत सरोवर पर करीब 50 लाख का खर्च आएगा। इसके अलावा जो सरोवर पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित किए जाएंगे उनपर 75 लाख तक का खर्च आएगा। अमृत सरोवर के पास सामुदायिक भवन, शौचालय और साफ पानी की व्यवस्था होगी। इसके अलावा मोटरबोट की भी सुविधा दी जाएगी। हालांकि अभी भी अधिकांश गांवों में तालाबों पर अतिक्रमण होने के कारण प्रधानों को मशक्कत करनी पड़ है।
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अभी अधिकांश गांवों के तालाबों पर है अतिक्रमण
जिले में छोटे और बड़े कुल 5840 तालाब हैं। इनमें 800 से अधिक तालाबों का पूर्व में जीर्णोद्धार किया गया है। हालांकि कई तालाब अतिक्रमण के शिकार होकर अस्तित्व भी खो चुके हैं। अब शासन ने एक एकड़ क्षेत्रफल में फैले तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने को कहा है। ऐसे में इन तालाबों को अमृत सरोवर के रुप में विकसित करने में कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। बतौर उदाहरण सोहांव ब्लॉक के पलियाखास, सोहांव, कोटवां नारायनपुर आदि गांवों पोखरे, गड़ही पर आज भी अतिक्रमण है और शिकायत के बाजवूद अतिक्रमण को लेकर राजस्व विभाग उदासीन बना हुआ है।
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अमृत सरोवर के रुप तालाबों को विकसित करने के लिए प्रत्येक गांव में दो तालाब चिह्नित कर लिए गए हैं। अब तक 68 अमृत सरोवर बन चुके हैं और स्वतंत्रता दिवस के पूर्व 10 और अमृत सरोवर तैयार हो जाएंगे। कई जगह कार्य चल रहे हैं।
- दिग्विजय नाथ तिवारी, प्रभारी उपायुक्त श्रम एवं रोजगार मनरेगा
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