{"_id":"652cbcbb438f09e9c7085544","slug":"gave-a-loan-of-rs-60-thousand-to-a-farmer-who-died-13-years-ago-ballia-news-c-190-1-svns1007-5479-2023-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: 13 साल पहले मृत किसान को दे दिया 60 हजार का कर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: 13 साल पहले मृत किसान को दे दिया 60 हजार का कर्ज
विज्ञापन
बड़ौदा यूपी बैंक शाखा रुद्रपुर गायघाट के जिम्मेदारों की मिलीभगत से 13 वर्ष पूर्व मृत किसान के नाम पर कूटरचित दस्तावेज पर अवैध तरीके से करीब 60 हजार का ऋण जारी करने का मामला सामने आया है। बैक मैनेजर संतोष कुमार सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तत्कालीन प्रबंधक रहे काशी प्रसाद, वीके चौधरी, वीएन सिंह व जागेश गुप्ता सहायक प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई। इसकी खबर लगते ही बैककर्मियों में हड़कप मचा है।
बैंक के नियमों को ताक पर रख कर तत्कालीन प्रबंधकों ने 13 वर्ष पूर्व मृतक शुक्ल छपरा निवासी स्व. शैलेंद्र कुमार के फर्जी कागजात पर 13 दिसंबर 2016 को 60,500 रुपये का केसीसी ऋण जारी कर दिया। इसके तीन माह पूर्व फर्जी कागजात पर बचत खाता शाखा हल्दी में खोला गया। मार्च 2022 में ऋण अदायगी नहीं होने के कारण खाता एनपीए हो गया। ऋण वसूली के लिए शाखा द्वारा ऋणी को लोक अदालत की नोटिस जारी होने के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा।
पुत्र राघवेंद्र शुक्ल को नोटिस मिला तो वह लोक अदालत के माध्यम से समझौते में भाग लेते हुए रुपये 20,000 जमा किए एवं शेष धनराशि जमा करने के लिए समय की मांग की गई। इस बीच राघवेंद्र द्वारा बकाया धनराशि जमा करने के पूर्व ऋण पत्रावली का मुआयना किया तो होश उड़ गए। उन्होंने बैक के प्रबंधक को सूचित किया कि ऋण पत्रावली में दर्ज फोटो एवं अन्य दस्तावेज आधार कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र उनके पिता स्व. शैलेंद्र नाथ शुक्ल के नहीं है, बताया कि केसीसी ऋण वितरित होने के 13 वर्ष पूर्व पिता की मौत हो चुकी है। इसकी खबर लगते ही प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारी देने के बाद पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गए। सभी साक्ष्य एकत्र करने के बाद दोषियों के खिलाफ तहरीर दी।
विज्ञापन
सेवानिवृत तीन प्रबंधक सहित चार पर मुकदमा
शुक्ल छपरा निवासी किसान स्व. शैलेंद्र कुमार के फर्जी कागजात पर तत्कालीन चार प्रबंधकों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। लोन पास होने के तीन माह पूर्व शाखा हल्दी में बचत खाता खुलने के समय तत्कालीन शाखा प्रबंधक काशी प्रसाद एवं सहायक प्रबंधक जागेश गुप्ता थे। वर्तमान समय में दोनों सेवानिवृत हो चुके है। ऋण पास करने व वितरण के समय शाखा प्रबंधक रुद्रपुर गायघाट वीके चौधरी थे। तीन वर्ष बाद ऋण खाते का रिवाइवल 29 नवंबर 2019 को हुआ था, रिवाइवल के समय शाखा प्रबंधक रुद्रपुर गायघाट बीएन सिंह थे, जो वर्तमान समय में सेवा निवृत हो चुके है।
विज्ञापन
बैंक के नियमों को ताक पर रख कर तत्कालीन प्रबंधकों ने 13 वर्ष पूर्व मृतक शुक्ल छपरा निवासी स्व. शैलेंद्र कुमार के फर्जी कागजात पर 13 दिसंबर 2016 को 60,500 रुपये का केसीसी ऋण जारी कर दिया। इसके तीन माह पूर्व फर्जी कागजात पर बचत खाता शाखा हल्दी में खोला गया। मार्च 2022 में ऋण अदायगी नहीं होने के कारण खाता एनपीए हो गया। ऋण वसूली के लिए शाखा द्वारा ऋणी को लोक अदालत की नोटिस जारी होने के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा।
विज्ञापन
पुत्र राघवेंद्र शुक्ल को नोटिस मिला तो वह लोक अदालत के माध्यम से समझौते में भाग लेते हुए रुपये 20,000 जमा किए एवं शेष धनराशि जमा करने के लिए समय की मांग की गई। इस बीच राघवेंद्र द्वारा बकाया धनराशि जमा करने के पूर्व ऋण पत्रावली का मुआयना किया तो होश उड़ गए। उन्होंने बैक के प्रबंधक को सूचित किया कि ऋण पत्रावली में दर्ज फोटो एवं अन्य दस्तावेज आधार कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र उनके पिता स्व. शैलेंद्र नाथ शुक्ल के नहीं है, बताया कि केसीसी ऋण वितरित होने के 13 वर्ष पूर्व पिता की मौत हो चुकी है। इसकी खबर लगते ही प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारी देने के बाद पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गए। सभी साक्ष्य एकत्र करने के बाद दोषियों के खिलाफ तहरीर दी।
विज्ञापन
सेवानिवृत तीन प्रबंधक सहित चार पर मुकदमा
शुक्ल छपरा निवासी किसान स्व. शैलेंद्र कुमार के फर्जी कागजात पर तत्कालीन चार प्रबंधकों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। लोन पास होने के तीन माह पूर्व शाखा हल्दी में बचत खाता खुलने के समय तत्कालीन शाखा प्रबंधक काशी प्रसाद एवं सहायक प्रबंधक जागेश गुप्ता थे। वर्तमान समय में दोनों सेवानिवृत हो चुके है। ऋण पास करने व वितरण के समय शाखा प्रबंधक रुद्रपुर गायघाट वीके चौधरी थे। तीन वर्ष बाद ऋण खाते का रिवाइवल 29 नवंबर 2019 को हुआ था, रिवाइवल के समय शाखा प्रबंधक रुद्रपुर गायघाट बीएन सिंह थे, जो वर्तमान समय में सेवा निवृत हो चुके है।