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गंगा महाआरती में उमड़े श्रद्धालु
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Sun, 22 Nov 2015 09:57 PM IST
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कार्तिक मास के प्रबोधिनी एकादशी के पर्व पर गंगा-तमसा के तट स्थित कीनाराम बाबा घाट पर रविवार की रविवार की भोर में गंगा भक्त रामदल के तत्वावधान में भव्य महाआरती की गई।
गंगा महाआरती में काशी, मथुरा व हरिद्वार से आए विद्वान पंडितों ने भजन कीर्तन के साथ जमकर जनजागरण किया। इस दौरान गंगा को साफ-सुथरा रखने का संदेश भी दिया गया।
महाआरती के अलावा मयूर नृत्य और शंकर का तांडव विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं बच्चों की मनोहारी झांकी अपनी अलग छटां बिखेर रही थी।
नगर से सटे कीनाराम गंगाघाट पर सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। करीब चार बजे के बाद हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा तट के किनारे जुट गए।
गंगा महाआरती का शुभारंभ मुख्य अतिथि संत परमेश्वरानंद सरस्वती उर्फ उड़िया बाबा एवं विशिष्ट अतिथि गोपाल दास बाबा, नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य तथा लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर शर्मा ने मां गंगा के पूजन अर्चन से किया।
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इसके उपरांत काशी, मथुरा और हरिद्वार से पधारे पंडितों ने करीब एक घंटे तक महाआरती किया।
इस दौरान गंगा की आरती भी काफी देर तक चलती रही।
नगर के शनिचरी मंदिर से लेकर गंगा घाट तक लाइट का उत्तम प्रबंध किया गया था। जिसके चलते आगे के शिवरामपुर, महावीरघाट सहित अन्य गंगा तटों पर स्नान करने वाले लोग भी महाआरती में शामिल हुए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि संत उड़िया बाबा ने भारतीय संस्कृति एवं नैतिक उत्थान के लिए भावी पीढ़ी का आह्वान किया। गीत एवं अन्य हिंदू ग्रंथों का उपदेश तथा गंगा को अविरल व निर्मल बनाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।
इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य ने गंगा भक्त रामदल के सदस्यों के गंगा सफाई अभियान में परिश्रम का बखान किया। कहा कि कीनाराम बाबा गंगा तट तक आने वाले दुरूह मार्ग को सही कर चलने लायक स्वयं के सहयोग पर बनाना बहुत ही पुनीत कार्य है।
इसके लिए अगर जमीन मिला तो बीच में बने नाले के ऊपर पुल भी बनवाया जाएगा। पूरे महाआरती के दौरान हर-हर गंगे, हर-हर महादेव का उच्चारण होता रहा।
इस दौरान मथुरा से आए कलाकारों कृष्ण और राधे की झांकी के साथ शंकर का तांडव और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया।
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गंगा महाआरती में काशी, मथुरा व हरिद्वार से आए विद्वान पंडितों ने भजन कीर्तन के साथ जमकर जनजागरण किया। इस दौरान गंगा को साफ-सुथरा रखने का संदेश भी दिया गया।
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महाआरती के अलावा मयूर नृत्य और शंकर का तांडव विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं बच्चों की मनोहारी झांकी अपनी अलग छटां बिखेर रही थी।
नगर से सटे कीनाराम गंगाघाट पर सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। करीब चार बजे के बाद हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा तट के किनारे जुट गए।
गंगा महाआरती का शुभारंभ मुख्य अतिथि संत परमेश्वरानंद सरस्वती उर्फ उड़िया बाबा एवं विशिष्ट अतिथि गोपाल दास बाबा, नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य तथा लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर शर्मा ने मां गंगा के पूजन अर्चन से किया।
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इसके उपरांत काशी, मथुरा और हरिद्वार से पधारे पंडितों ने करीब एक घंटे तक महाआरती किया।
इस दौरान गंगा की आरती भी काफी देर तक चलती रही।
नगर के शनिचरी मंदिर से लेकर गंगा घाट तक लाइट का उत्तम प्रबंध किया गया था। जिसके चलते आगे के शिवरामपुर, महावीरघाट सहित अन्य गंगा तटों पर स्नान करने वाले लोग भी महाआरती में शामिल हुए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि संत उड़िया बाबा ने भारतीय संस्कृति एवं नैतिक उत्थान के लिए भावी पीढ़ी का आह्वान किया। गीत एवं अन्य हिंदू ग्रंथों का उपदेश तथा गंगा को अविरल व निर्मल बनाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।
इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य ने गंगा भक्त रामदल के सदस्यों के गंगा सफाई अभियान में परिश्रम का बखान किया। कहा कि कीनाराम बाबा गंगा तट तक आने वाले दुरूह मार्ग को सही कर चलने लायक स्वयं के सहयोग पर बनाना बहुत ही पुनीत कार्य है।
इसके लिए अगर जमीन मिला तो बीच में बने नाले के ऊपर पुल भी बनवाया जाएगा। पूरे महाआरती के दौरान हर-हर गंगे, हर-हर महादेव का उच्चारण होता रहा।
इस दौरान मथुरा से आए कलाकारों कृष्ण और राधे की झांकी के साथ शंकर का तांडव और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया।