जन्म के बाद पहला मिनट बेहद महत्वपूर्ण

ballia Updated Sun, 17 Sep 2017 10:14 PM IST
First minute after birth is extremely important
इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक्स की कार्यशाला का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ करते अतिथिगण। - फोटो : ballia
नवजात शिशु के लिए उसके जन्म के बाद पहला मिनट बहुत बड़ा महत्व होता है। यही कारण है कि चिकित्सक इस पहले मिनट को गोल्डेन मिनट मानते है। यह अवधि बच्चे के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। यदि इस समय एक कुशल चिकित्सककर्मी की मदद उपलब्ध हो तो सभी नवजातों में स्वत: श्वसन प्रक्रिया स्थापित की जा सकती है। यह  बातें संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डा. पियाली भट्टाचार्य ने कहीं।
वह रविवार को नगर के अग्रवाल धर्मशाला में इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक्स बलिया शाखा के संयोजकत्व में आयोजित नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम प्रथम गोल्डेन मिनट कार्याशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस गोल्डेन मिनट के जरिये आक्सीजन की कमी से होने वाली स्थाई विकृतियों के साथ ही शिशु को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता हैं। कार्यशाला में डा. भट्टाचार्य के अलावा जौनपुर के बालरोग विशेषज्ञ डा.तेजसिंह और वाराणसी के बालरोग विशेषज्ञ डा. राजीव रंजन ने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला के मुख्य संयोजक वाराणसी के प्रसिद्ध बालरोग विशेषज्ञ डा. धीरज मोहन गुप्ता थे।

कार्यशाला में चार सब स्टेशनों पर डमी नवजात शिशुओं को स्वत: श्वसन प्रारम्भ करने के लिए उपयुक्त तकनीकि से सभी प्रतिभागियों को पारंगत किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ अशोक कुमार सिंह, डा. राजेश केजरीवाल, डा. अजीत सिंह, डा. आशु सिंह, डा. डी प्रसाद, डा. आफताब आलम आदि मौजूद रहे।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Jammu

जम्मू कश्मीरः पाकिस्तान ने उड़ी में किया सीजफायर का उल्लंघन, जवाबी कार्रवाई में बंकर तबाह

पाकिस्तान की ओर से उड़ी के हाजीपीर सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया गया है। पाक द्वारा की गई इस फायरिंग में सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले तीन ग्रामीण घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

19 फरवरी 2018

Related Videos

ड्रॉइंग बनाने पर महिला टीचर ने मारा थप्पड़, छात्रा की चली गई जान

बलिया के एक प्राइवेट स्कूल में एक महिला टीचर के थप्पड़ से एक चौथी क्लास की छात्रा की मौत हो गई। छात्रा के घरवालों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

9 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen