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पहले 15 घंटे पेयजल आपूर्ति, अब तीन घंटे पर सिमटी

Sat, 10 Jul 2021 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jul 2021 10:42 PM IST
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First 15 hours of drinking water supply, now limited to three hours  in ballia
बलिया। नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए नगरपालिका प्रशासन की ओर छह ओवरहेड टैंकों का निर्माण कराया गया है, जिनमें से पांच टंकियों द्वारा शहर के छह लाख उपभोक्ताओं को पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। एक पानी टंकी विवादित होने के कारण अब तक बंद पड़ी है। पहले 15 घंटे पेयजल की आपूर्ति होती थी। अब महज तीन घंटे ही आपूर्ति होती है। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है।
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विभाग का दावा है कि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए छह माह पर पानी टंकियों की सफाई कराई जाती है। प्रतिदिन पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए उसमें सोडियम हाइपो क्लोराइड का घोल मिलाया जाता है। इसके बावजूद नगरवासियों की शिकायत है कि नपा द्वारा अक्सर दूषित पेयजल की आपूर्ति की जाती है, जिससे उन्हें गंभीर संक्रामक बीमारियों का शिकार होना पड़ता है। साथ ही टंकियों पर सपाई की तिथि भी अंकित नहीं होती है। इतना ही नहीं, कहीं फाल्ट होने और इसकी शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी पेयजल आपूर्ति बहाल करने में तत्परता नहीं दिखाते हैं। इतना ही नहीं, नपा प्रशासन की लापरवाही से पेयजल आपूर्ति का समय भी घट कर महज दो घंटा रह गया है। जबकि पहले 15 घंटे तक नगर में पेयजल की आपूर्ति होती थी। इससे कभी पेयजल का संकंट नहीं होता था। लेकिन जिम्मेदार इससे इंकार करते हैं। उनका कहना है कि सूचना मिलते ही आपूर्ति में आई बाधा को दूर कर नगरवासियों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जाता है।
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सफेद हाथी बनीं पानी टंकियां
बलिया। जनपद के कई गांवों में स्वजल धारा परियोजना के तहत बनाई गई। पानी की टंकियां सफेद हाथी बन कर रह गई हैं। इन टंकियों के निर्माण कई वर्ष बाद तक गांव के लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गर्मी का मौसम होने के कारण टंकियों को शुरू कराने की मांग उठने लगी है। वर्ष 2005-06 में स्वजल धारा परियोजना के तहत गांवों में पानी की टंकियों और पंप हाउस का निर्माण कराया गया था। योजना का उद्देश्य गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। कई लाख रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकियों का निर्माण और बोरिंग कराने के बाद गांवों में पाइप लाइन डाल दी गई, लेकिन उसके बाद इनमें बिजली कनेक्शन, मोटर, आदि लगाने की कार्रवाई अधर में छोड़ दी गई। निर्माण के बाद से ही किसी ने इनकी सुध लेने की जरूरत नहीं समझी। देखरेख के अभाव में टंकियों के पंप हाउसों पर लोगों ने कब्जा कर जानवर आदि बांधना शुरू कर दिया है।
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हमारा प्रयास रहता है कि नगर वासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जलकल विभाग की टीम द्वारा हमेशा तत्परता बरती जाती है। पेयजल के दूषित होने पर उसे ठीक कराने के साथ ही पानी की शुद्धता के लिए प्रतिदिन उसमें रासायनिक घोल डाला जाता है। - मोहम्मद शमीम, जलकल अभियंता, नगर पालिका, बलिया
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