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सीएचसी सोनबरसा पर चिकित्सकों का अकाल, हंगामा
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बैरिया। सांसद और अन्य जनप्रतिनिधयों की ओर से सीएचसी सोनबरसा की हालत सुधारने के लिए बातें तो बड़ी-बड़ी हो रही हैं, लेकिन यहां की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में एक भी चिकित्सक के मौजूद न होने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
सोनबरसा सीएचसी पर चिकित्सकों के कुल सात पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष यहां तीन चिकित्सकों की पोस्टिंग है। इसमें अधीक्षक डॉ. आशीष श्रीवास्तव लंबी छुट्टी लेकर राजस्थान चले गए हैं। डॉ. विजय कुमार यादव की ड्यूटी बलिया कारागार में लग गई है। यहां तैनात एकमात्र चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश कुमार ने भी यहां से त्यागपत्र दे दिया है। फलस्वरूप यहां एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। मरीज इलाज की आस में आते हैं और लौट जाते हैं। बृहस्पतिवार को केंद्र पर मरीजों की ज्यादा भीड़ हो गई। यहां डॉक्टर को न देख मरीजों के साथ आए लोग उग्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट एनएन शुक्ला सहित अन्य चिकित्साकर्मियों ने लोगों को शांत कराया और अपने स्तर से इलाज मुहैया कराया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने गोद लिया है। अपने सांसद निधि से 89 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराया है। दावा किया था कि अस्पताल का संचालन जिला अस्पताल की तर्ज पर किया जाएगा। इसी परिसर में 100 बेड का अस्पताल का निर्माण प्रगति पर है। सांसद के अनुज कन्हैया सिंह ने 50 लाख रुपये की लागत से सोनबरसा अस्पताल परिसर के सुंदरीकरण का निर्णय लिया है। अस्पताल को लेकर रोजाना कोई न कोई घोषणा तो हा रही है, लेकिन चिकित्सकीय व्यवस्था उतनी ही लचर होची जा रही है। स्थानीय लोगों ने सीएमओ डॉ .तन्मय कक्कड़ पर सोनबरसा अस्पताल की उपेक्षा का आरोप लगाया है। वहीं, सीएमओ का कहना है कि तत्काल व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
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सोनबरसा सीएचसी पर चिकित्सकों के कुल सात पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष यहां तीन चिकित्सकों की पोस्टिंग है। इसमें अधीक्षक डॉ. आशीष श्रीवास्तव लंबी छुट्टी लेकर राजस्थान चले गए हैं। डॉ. विजय कुमार यादव की ड्यूटी बलिया कारागार में लग गई है। यहां तैनात एकमात्र चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश कुमार ने भी यहां से त्यागपत्र दे दिया है। फलस्वरूप यहां एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। मरीज इलाज की आस में आते हैं और लौट जाते हैं। बृहस्पतिवार को केंद्र पर मरीजों की ज्यादा भीड़ हो गई। यहां डॉक्टर को न देख मरीजों के साथ आए लोग उग्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट एनएन शुक्ला सहित अन्य चिकित्साकर्मियों ने लोगों को शांत कराया और अपने स्तर से इलाज मुहैया कराया।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने गोद लिया है। अपने सांसद निधि से 89 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराया है। दावा किया था कि अस्पताल का संचालन जिला अस्पताल की तर्ज पर किया जाएगा। इसी परिसर में 100 बेड का अस्पताल का निर्माण प्रगति पर है। सांसद के अनुज कन्हैया सिंह ने 50 लाख रुपये की लागत से सोनबरसा अस्पताल परिसर के सुंदरीकरण का निर्णय लिया है। अस्पताल को लेकर रोजाना कोई न कोई घोषणा तो हा रही है, लेकिन चिकित्सकीय व्यवस्था उतनी ही लचर होची जा रही है। स्थानीय लोगों ने सीएमओ डॉ .तन्मय कक्कड़ पर सोनबरसा अस्पताल की उपेक्षा का आरोप लगाया है। वहीं, सीएमओ का कहना है कि तत्काल व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
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