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सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक थे डा. भरत
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:26 PM IST
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डा. भरत पांडेय उन महान विभूतियों में से एक हैं, जिन्होंने सामाजिक सौहार्द तथा राष्ट्रीय एकता की समृद्धि के लिए आजीवन प्रयास किया। वह वास्तव में सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक थे। भारतीय सद्भावना मिशन के माध्यम से उन्होंने समाज में आपसी सद्भाव बढ़ाने के लिए सतत प्रयास किया।
ये बातें सेनानी राम विचार पांडेय ने शनिवार को शिक्षाविद डा. भरत पांडेय की तीसरी पुण्यतिथि पर साहू भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
डा. भरत मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सतीश चंद्र कालेज के प्राचार्य डा. अशोक कुमार उपाध्याय ने डा. भरत को महान शिक्षाविद बताया। वहीं राधिका मिश्रा ने उनको संपूर्ण मानव की संज्ञा से नवाजा।
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पूर्व प्रधानाचार्य चंद्रशेखर उपाध्याय ने उनको सर्व-धर्म समभाव का प्रबल समर्थक बताया। इस मौके पर डा. जनार्दन राय, श्रीराम तिवारी, प्रो. केपी श्रीवास्तव, डा. लालबहादुर तिवारी, ध्रुवपति पांडेय, शिवकुमार कौशिकेय आदि लोगों ने
श्रद्धांजलि दी।
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ये बातें सेनानी राम विचार पांडेय ने शनिवार को शिक्षाविद डा. भरत पांडेय की तीसरी पुण्यतिथि पर साहू भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
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डा. भरत मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सतीश चंद्र कालेज के प्राचार्य डा. अशोक कुमार उपाध्याय ने डा. भरत को महान शिक्षाविद बताया। वहीं राधिका मिश्रा ने उनको संपूर्ण मानव की संज्ञा से नवाजा।
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पूर्व प्रधानाचार्य चंद्रशेखर उपाध्याय ने उनको सर्व-धर्म समभाव का प्रबल समर्थक बताया। इस मौके पर डा. जनार्दन राय, श्रीराम तिवारी, प्रो. केपी श्रीवास्तव, डा. लालबहादुर तिवारी, ध्रुवपति पांडेय, शिवकुमार कौशिकेय आदि लोगों ने
श्रद्धांजलि दी।