फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   doctor strick

सरकारी फरमान के विरोध में आईएमए ने किया कार्य बहिष्कार

Fri, 11 Dec 2020 11:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 11:38 PM IST
विज्ञापन
doctor strick
बसंतपुर में कूड़ा निस्तारण केंद्र का निरीक्षण करते जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही। - फोटो : BALLIA
बलिया। केंद्र सरकार की ओर से आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। डाक्टरों ने क्लीनिक और नर्सिंग होम बंद रखा। इसके बाद बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश के 95 फीसदी मरीज आधुनिक चिकित्सा पद्धति से उपचार कराते हैं। सभी चिकित्सा पद्धतियों को स्वतंत्र रूप में पूर्ण वैज्ञानिक तरीके से विकसित करना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार की मिक्सोपैथी माडर्न पद्धति एलोपैथी चिकित्सकों के दिमाग से परे हैं। मिक्सोपैथी के कारण हमारे देश में चिकित्सकों की गुणवत्ता काफी कम हो जाएगी और चिकित्सा के स्तर में काफी गिरावट आएगी। कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सरकार से मांग करता है कि किसी भी स्थिति में मिक्सापैथी को लागू न किया जाए। इसके पूर्व मिक्सोपैथी के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए जिले के आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने पूर्ण रुप से ओपीडी का बहिष्कार किया। इसके चलते सरकारी अस्पतालों में भीड़ रही। इस मौके पर डॉ. पीके सिंह गहलौत, डॉ. डी राय, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. जीएस पाठक, डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. आशु सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. आफताब, डॉ. एम आलम, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. केके तिवारी, डॉ. डीबी तिवारी आदि मौजूद रहे।

आईएमए चिकित्सकों की हड़ताल के जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों और तीमारदारों की भीड़।

आईएमए चिकित्सकों की हड़ताल के जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों और तीमारदारों की भीड़।- फोटो : BALLIA

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed