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निजी स्कूलों में मानक पूरा कराने की मांग
balia
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:02 PM IST
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गरीबों के बच्चों को पढ़ने के लिए मांग करते अभिभावक एवं बच्चे।
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अनिवार्य एवं मुफ्त शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के कार्यान्वयन में आ रही परेशानियों सहित कई मुद्दों को लेकर अभिभावकों के साथ अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनोज राय हंस बुधवार को डीएम के कार्यालय पहुंचे। इस दारौन छात्र और अभिभावकों ने डीएम से मिलकर बच्चों के पढ़ने के अधिकार को पूरा कराने की मांग रखी। जिसे सुनने के बाद डीएम भवानी सिंह खंगरौत ने आश्वासन दिया कि बच्चों की मांग को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में मांग किया गया है कि गरीब बच्चों को शिक्षा अधिकार के तहत पढ़ाने के हक को पूरा करने के लिए जिले के स्कूलों का चिन्हांकन करते हुए ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के स्कूलों की अलग-अलग सूची तैयार कराई जाएगी।मांग किया गया कि नगर क्षेत्र के आसपास के स्कूलों को भी नगर क्षेत्र की सूची में डाला जाय। नगर क्षेत्र के लोग इन विद्यालयों में आवेदन नहीं कर पा रहे है। पत्र में मांग किया है कि जिले के सभी अंग्रेजी माध्यम के निजी विद्यालयों से शपथ पत्र लिया जाय कि उनके विद्यालय में शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 25 फीसदी कुल कितनी सीटें है। किराएदार अभिभावकों से भी आधार कार्ड और आधार प्रमाण पत्र लेकर वर्तमान पता के आधार पर प्रवेश दिया जाय। इसके साथ ही मांग किया गया है कि अभिभावकों को निजी स्कूलों के ड्रेस और पाठ्यपुस्तकों के लिए पांच हजार रुपये अब तक 100 पात्रों के खाते में नहीं भेजा गया है।
जिसमें गलत खाता नंबर डालने का मामला प्रकाश में आया है। निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा अगली कक्षा में प्रवेश कराने के लिए पांच हजार रुपये की डिमांड की जा रही है। इस मौके पर सुशील बहेलिया, किरन वर्मा, अशोक चौहान, पूनम देवी, शकुंतला देवी, शिवजी वर्मा, अनंत वर्मा, रमेश कुमार, चंद्रमणि राय, सुनील श्रीवास्तव, सोनू गुप्ता, सुनील पांडेय, बिजेंद्र कुमार वर्मा, बच्चा लाल मौर्य आदि मौजूद रहे।
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डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में मांग किया गया है कि गरीब बच्चों को शिक्षा अधिकार के तहत पढ़ाने के हक को पूरा करने के लिए जिले के स्कूलों का चिन्हांकन करते हुए ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के स्कूलों की अलग-अलग सूची तैयार कराई जाएगी।मांग किया गया कि नगर क्षेत्र के आसपास के स्कूलों को भी नगर क्षेत्र की सूची में डाला जाय। नगर क्षेत्र के लोग इन विद्यालयों में आवेदन नहीं कर पा रहे है। पत्र में मांग किया है कि जिले के सभी अंग्रेजी माध्यम के निजी विद्यालयों से शपथ पत्र लिया जाय कि उनके विद्यालय में शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 25 फीसदी कुल कितनी सीटें है। किराएदार अभिभावकों से भी आधार कार्ड और आधार प्रमाण पत्र लेकर वर्तमान पता के आधार पर प्रवेश दिया जाय। इसके साथ ही मांग किया गया है कि अभिभावकों को निजी स्कूलों के ड्रेस और पाठ्यपुस्तकों के लिए पांच हजार रुपये अब तक 100 पात्रों के खाते में नहीं भेजा गया है।
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जिसमें गलत खाता नंबर डालने का मामला प्रकाश में आया है। निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा अगली कक्षा में प्रवेश कराने के लिए पांच हजार रुपये की डिमांड की जा रही है। इस मौके पर सुशील बहेलिया, किरन वर्मा, अशोक चौहान, पूनम देवी, शकुंतला देवी, शिवजी वर्मा, अनंत वर्मा, रमेश कुमार, चंद्रमणि राय, सुनील श्रीवास्तव, सोनू गुप्ता, सुनील पांडेय, बिजेंद्र कुमार वर्मा, बच्चा लाल मौर्य आदि मौजूद रहे।
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