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ओवरलोड वाहनों से पुल को नुकसान, इन्हें रोकें
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जयप्रकाश नगर। बलिया से बिहार को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 31 बैरिया-मांझी मार्ग पर स्थित जयप्रभा सेतु को ओवरलोड वाहनों से नुकसान पहुंच रहा है। इनका संचालन तुरंत नहीं रोका गया तो आने वाले समय में पुल के अन्य भागों को भी भारी हो सकता है। जांच में ये तथ्य सामने आने पर एनएचएआई ने इस संबंध में एक रिपोर्ट डीएम भेजी है।
पांच दशक पहले तक द्वाबा क्षेत्र के लोग बिहार आने-जाने के लिए नदी मार्ग व पीपा पुल का प्रयोग करते थे। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने जयप्रभा सेतु का शिलान्यास किया। उस समय दोनों राज्यों की सरकारों के सहयोग से सेतु बनना था। पर दोनों सरकारें सालों तक उदासीन बनी रहीं। वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के प्रयासों से निर्माण का काम सेतु निगम को दिया गया और इसके लिए 400 करोड़ रुपये मंजूर हुए। बाद में चंद्रशेखर अस्वस्थ हो गए और बिना उद्घाटन वर्ष 2007 में इस सेतु पर आवागमन प्रारंभ हो गया। सेतु के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शुरू से सवाल उठते रहे हैं। आवागमन प्रारम्भ होने के करीब पांच वर्ष बाद ही सेतु के ऊपरी सतह का सरिया व गड्ढे सामने आ गए। सेतु पर लाल बालू लदे करीब तीन हजार ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही हो रही है। इस बीच चंदौली जिले में कर्मनाशा नदी के पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से इन दिनों जयप्रभा सेतु पर भारी वाहनों का दबाव बहुत बढ़ गया है। आसपास के जिलों की ट्रकें इसी पुल से बिहार आ-जा रही हैं। ओवरलोड के कारण के सेतु के पाया नंबर छह के गार्डर का ऊपरी भाग क्षतिग्रस्त हो गया। चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के गुजरते ही ज्वाइंट वाला भाग बाएं व दाएं की तरफ हिलने लगता है। चंदौली पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इस पुल को लेकर मीडिया में चर्चाएं तेज हो गई और पुल के पाए में दरार की सूचना के बाद सेतु निगम के अफसर सतर्क हो गए। वाराणसी से आई एक टीम ने बुधवार को इसकी जांच की जिसमें पुल को अभी गंभीर नुकसान नहीं होने की बात सामने आई है पर ओवरलोड वाहनों का संचालन जारी रहने को खतरनाक बताया गया है।
प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई नवीन मिश्रा का कहना है कि जयप्रभा सेतु के पाया नंबर छह के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर विभाग के मुख्य तकनीशियन वाई पी सिंह को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा था। उनकी रिपोर्ट में बताया गया कि सेतु का जो भाग क्षतिग्रस्त हुआ है वह गार्डर का बाहरी भाग है उससे अभी कोई भारी नुकसान नहीं हो सकता है। कहा कि सेतु पर यदि ओवरलोड वाहनों का चलना बंद नहीं हुआ तो सेतु के अन्य भागों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इस बात की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। सेतु की मरम्मत का काम बहुत जल्द ही प्रारंभ करा दिया जाएगा।
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एसडीएम व सीओ ने किया निरीक्षण, रिपोर्ट भेजने की बात कही
जयप्रकाश नगर। एनएच 31 पर स्थित जयप्रभा सेतु के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर बुधवार को उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी व क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जयप्रभा सेतु का उस क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थलीय निरीक्षण किया और बताया कि हम इस संबंध में त्वरित रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी व संबंधित विभाग को प्रेषित करेंगे।
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पांच दशक पहले तक द्वाबा क्षेत्र के लोग बिहार आने-जाने के लिए नदी मार्ग व पीपा पुल का प्रयोग करते थे। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने जयप्रभा सेतु का शिलान्यास किया। उस समय दोनों राज्यों की सरकारों के सहयोग से सेतु बनना था। पर दोनों सरकारें सालों तक उदासीन बनी रहीं। वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के प्रयासों से निर्माण का काम सेतु निगम को दिया गया और इसके लिए 400 करोड़ रुपये मंजूर हुए। बाद में चंद्रशेखर अस्वस्थ हो गए और बिना उद्घाटन वर्ष 2007 में इस सेतु पर आवागमन प्रारंभ हो गया। सेतु के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शुरू से सवाल उठते रहे हैं। आवागमन प्रारम्भ होने के करीब पांच वर्ष बाद ही सेतु के ऊपरी सतह का सरिया व गड्ढे सामने आ गए। सेतु पर लाल बालू लदे करीब तीन हजार ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही हो रही है। इस बीच चंदौली जिले में कर्मनाशा नदी के पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से इन दिनों जयप्रभा सेतु पर भारी वाहनों का दबाव बहुत बढ़ गया है। आसपास के जिलों की ट्रकें इसी पुल से बिहार आ-जा रही हैं। ओवरलोड के कारण के सेतु के पाया नंबर छह के गार्डर का ऊपरी भाग क्षतिग्रस्त हो गया। चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के गुजरते ही ज्वाइंट वाला भाग बाएं व दाएं की तरफ हिलने लगता है। चंदौली पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इस पुल को लेकर मीडिया में चर्चाएं तेज हो गई और पुल के पाए में दरार की सूचना के बाद सेतु निगम के अफसर सतर्क हो गए। वाराणसी से आई एक टीम ने बुधवार को इसकी जांच की जिसमें पुल को अभी गंभीर नुकसान नहीं होने की बात सामने आई है पर ओवरलोड वाहनों का संचालन जारी रहने को खतरनाक बताया गया है।
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प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई नवीन मिश्रा का कहना है कि जयप्रभा सेतु के पाया नंबर छह के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर विभाग के मुख्य तकनीशियन वाई पी सिंह को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा था। उनकी रिपोर्ट में बताया गया कि सेतु का जो भाग क्षतिग्रस्त हुआ है वह गार्डर का बाहरी भाग है उससे अभी कोई भारी नुकसान नहीं हो सकता है। कहा कि सेतु पर यदि ओवरलोड वाहनों का चलना बंद नहीं हुआ तो सेतु के अन्य भागों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इस बात की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। सेतु की मरम्मत का काम बहुत जल्द ही प्रारंभ करा दिया जाएगा।
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एसडीएम व सीओ ने किया निरीक्षण, रिपोर्ट भेजने की बात कही
जयप्रकाश नगर। एनएच 31 पर स्थित जयप्रभा सेतु के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर बुधवार को उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी व क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जयप्रभा सेतु का उस क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थलीय निरीक्षण किया और बताया कि हम इस संबंध में त्वरित रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी व संबंधित विभाग को प्रेषित करेंगे।

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कलेक्ट्रेट बार में नववर्ष की बधाई देने पहुंचे जिलाधिकारी श्री हरि प्रताप शाही को बाउंडरीह दिखात- फोटो : BALLIA

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खास गांव गोपालनगर: मंतोष यादव।- फोटो : BALLIA

खास गांव गोपालनगर: रवींद्र यादव।- फोटो : BALLIA

खास गांव गोपालनगर: रामदेव पासवान।- फोटो : BALLIA

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