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सफाई पर हर माह करोड़ों खर्च फिर भी गांवों की नालियां बजबजा रहीं
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सागरपाली गांव स्थित शिवमंदिर के सामने लगा लोगों के घरों का नाबदान का पानी।
- फोटो : BALLIA
बलिया। गावों में तैनात सफाईकर्मियों की मनमानी से जगह जगह कूड़े की ढेर देखने को मिलते हैं। कई गांवों के प्रधानों की ओर से की गई शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। इसके चलते गावों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का अंदेशा बना रहता है। जिले में कुल 940 ग्राम पंचायतों की साफ-सफाई के लिए वर्तमान में 2320 सफाईकर्मी तैनात हैं। इनके वेतन पर हर माह करीब 7.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं।
एक ओर स्वच्छता अभियान को लेकर सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है तो दूसरी ओर गांवों में तैनात सफाईकर्मियों की मनमानी जारी है। गांवों की सफाई के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से वर्ष 2009-10 में जिले के कुल राजस्व गांव 2403 की साफ-सफाई के लिए एक-एक सफाईकर्मी की तैनाती की गई। वर्तमान में कुल 2320 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। हालांकि तैनाती के बाद से ही जिले में सफाईकर्मियों से मनमाना काम कराने की व्यवस्था शुरु हो गई जो आज भी बदस्तूर जारी है। कई गांवों में तो सफाईकर्मी मनमाने तरीके से पहुंचते हैं और बिना कोई कार्य किए चले जाते हैं। बतौर उदाहरण हनुमानगंज ब्लॉक के सागरपाली में महीनों से सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया है और नालियां बजबजा रही हैं। ग्राम प्रधान शैल देवी की मानें तो इस बाबत कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रधान ने बताया कि गांव में तैनात दो सफाईकर्मियों को दो माह से पैरोल जारी नहीं किया गया है इसके बावजूद अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
80 से अधिक सफाईकर्मी कार्यालयों में संबद्ध
बलिया। जनपद के अधिकांश कार्यालयों में सफाईकर्मियों को शासनादेश के विपरीत सम्बद्ध किया गया है। नियुक्ति के बाद से ही जिला पंचायत राज कार्यालय में आधा दर्जन सफाईकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा डीडीओ, सीडीओ, जिला दिव्यांग जन कल्याण, समाज कल्याण आदि कार्यालयों में सालों से 80 से अधिक सफाईकर्मी सम्बद्ध हैं। कई सफाईकर्मी तो अफसरों के बंगले पर भी ड्यूटी बजाते हैं। इसके अलावा वर्षों से जिला चुनाव कार्यालय व सदर तहसील कार्यालय में कई सफाईकर्मी सम्बद्ध हैं।
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एक ओर स्वच्छता अभियान को लेकर सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है तो दूसरी ओर गांवों में तैनात सफाईकर्मियों की मनमानी जारी है। गांवों की सफाई के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से वर्ष 2009-10 में जिले के कुल राजस्व गांव 2403 की साफ-सफाई के लिए एक-एक सफाईकर्मी की तैनाती की गई। वर्तमान में कुल 2320 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। हालांकि तैनाती के बाद से ही जिले में सफाईकर्मियों से मनमाना काम कराने की व्यवस्था शुरु हो गई जो आज भी बदस्तूर जारी है। कई गांवों में तो सफाईकर्मी मनमाने तरीके से पहुंचते हैं और बिना कोई कार्य किए चले जाते हैं। बतौर उदाहरण हनुमानगंज ब्लॉक के सागरपाली में महीनों से सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया है और नालियां बजबजा रही हैं। ग्राम प्रधान शैल देवी की मानें तो इस बाबत कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रधान ने बताया कि गांव में तैनात दो सफाईकर्मियों को दो माह से पैरोल जारी नहीं किया गया है इसके बावजूद अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
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80 से अधिक सफाईकर्मी कार्यालयों में संबद्ध
बलिया। जनपद के अधिकांश कार्यालयों में सफाईकर्मियों को शासनादेश के विपरीत सम्बद्ध किया गया है। नियुक्ति के बाद से ही जिला पंचायत राज कार्यालय में आधा दर्जन सफाईकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा डीडीओ, सीडीओ, जिला दिव्यांग जन कल्याण, समाज कल्याण आदि कार्यालयों में सालों से 80 से अधिक सफाईकर्मी सम्बद्ध हैं। कई सफाईकर्मी तो अफसरों के बंगले पर भी ड्यूटी बजाते हैं। इसके अलावा वर्षों से जिला चुनाव कार्यालय व सदर तहसील कार्यालय में कई सफाईकर्मी सम्बद्ध हैं।
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