{"_id":"5c9d0551bdec22140d56ab05","slug":"71553794385-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या..","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या..
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। शहर कोतवाली क्षेत्र के राजपूत नेउरी में एक युवक ने गुुरुवार की सुबह फांसी लगाकर जान दे दिया। पुलिस ने शव को अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया। घटना के पीछे आर्थिक तंगी और शारीरिक परेशानी का मामला सामने आ रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के राजपूत नेउरी निवासी देवनारायण (46) पुत्र स्व. बहादुर पटेल ने गुरुवार को अपने घर के कमरे में रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर लिया। मोहल्ले के लोगों ने बाहर की खिड़की से देख हो-हल्ला किया और परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने जब कमरा खोला तो उन्हें फंदे लटका देख अवाक रह गए और रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया। मृतक के दो पुत्री रानी (19) व नेहा (16) और चार पुत्र अंकित (13), रोहित (11), नीरज (8) व कृष्णा (07) हैं। मृतक पेंटर का कार्य करता था और उसकी पत्नी चौका बर्तन कर बच्चों का भरण-पोषण करती थी।
मृतक किसी प्रकार अपनी एक पुत्री का विवाह कर पाया था। वह स्वयं बीमार चल रहा था। मृतक की पत्नी ने बताया कि उनके पति अलग एक कमरे सोते थे और मैं बच्चों के साथ एक कमरे में सोती हूं। बताया कि बाहर की खिड़की से मोहल्ले के लोग फांसी पर लटके देख शोरगुल मचाते हुए हम लोगों को जानकारी दी। जब दरवाजा खोला गया तो फंदे से लटके हुए थे और उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के राजपूत नेउरी निवासी देवनारायण (46) पुत्र स्व. बहादुर पटेल ने गुरुवार को अपने घर के कमरे में रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर लिया। मोहल्ले के लोगों ने बाहर की खिड़की से देख हो-हल्ला किया और परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने जब कमरा खोला तो उन्हें फंदे लटका देख अवाक रह गए और रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया। मृतक के दो पुत्री रानी (19) व नेहा (16) और चार पुत्र अंकित (13), रोहित (11), नीरज (8) व कृष्णा (07) हैं। मृतक पेंटर का कार्य करता था और उसकी पत्नी चौका बर्तन कर बच्चों का भरण-पोषण करती थी।
विज्ञापन
मृतक किसी प्रकार अपनी एक पुत्री का विवाह कर पाया था। वह स्वयं बीमार चल रहा था। मृतक की पत्नी ने बताया कि उनके पति अलग एक कमरे सोते थे और मैं बच्चों के साथ एक कमरे में सोती हूं। बताया कि बाहर की खिड़की से मोहल्ले के लोग फांसी पर लटके देख शोरगुल मचाते हुए हम लोगों को जानकारी दी। जब दरवाजा खोला गया तो फंदे से लटके हुए थे और उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन