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मेडिकल कराने के बजाय पुलिस पीड़िता के बयान का कर रही इंतजार
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:11 PM IST
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बैरिया। रेवती थाना क्षेत्र के गोपालनगर पुलिस चौकी के छत पर सिपाही के किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने पीड़िता का बयान लेना मुनासिब नहीं समझा। बल्कि वह पीड़िता के बयान का इंतजार कर रही है। सोमवार को पीड़िता का कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज होगा। वहीं पुलिस द्वारा पीड़िता के चाचा से छेड़खानी की तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस के इस रवैये से लोग पुलिस कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे।
बता दें कि रेवती थाना अंतर्गत गोपालनगर पुलिस चौकी के बाहर स्थित चबूतरे पर सो रहे गांव के युवकाें ने आरोपी सिपाही धरम प्रसाद को चौकी के छत पर शुक्रवार की रात किेशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करते रंगे हाथ पकड़ की उसकी धुनाई की थी। किशोरी ने दुष्कर्म की बात स्वीकार किया था। बावजूद पुलिस ने किशोरी का मेडिकल मुआयना नहीं कराया। जबकि नियमानुसार दुष्कर्म का संदेह होने पर 24 घंटे के अंदर मेडिकल मुआयना कराना अनिवार्य है। अन्यथा की स्थिति में मेडिकल मुआयना कराने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। लेकिन पुलिस महकमा दुष्कर्म मानने को तैयार नहीं है। बल्कि छेड़खानी मानकर कोर्ट में 164 के तहत ब्यान का इंतजार कर रही है। यहां तक कि पीड़ित किशोरी के चाचा को उल्टा-सीधा समझाकर छेड़खानी का तहरीर ले लिया और पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों को मामले में लीलापोती की बू आने लगी है।
इस बाबत जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डा. सुमिता सिन्हा का कहना है कि दुष्कर्म के मामले में जितना जल्द मेडिकल मुआयना होगा, उतना ही रिपोर्ट सहीं आएगी। विलंब होने पर रिपोर्ट निगेटिव आती है। क्योंकि शुक्राणु धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं। वहीं रेवती थानाध्यक्ष का कहना है कि सोमवार को किशोरी का बयान कोर्ट में होगा। इसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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बता दें कि रेवती थाना अंतर्गत गोपालनगर पुलिस चौकी के बाहर स्थित चबूतरे पर सो रहे गांव के युवकाें ने आरोपी सिपाही धरम प्रसाद को चौकी के छत पर शुक्रवार की रात किेशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करते रंगे हाथ पकड़ की उसकी धुनाई की थी। किशोरी ने दुष्कर्म की बात स्वीकार किया था। बावजूद पुलिस ने किशोरी का मेडिकल मुआयना नहीं कराया। जबकि नियमानुसार दुष्कर्म का संदेह होने पर 24 घंटे के अंदर मेडिकल मुआयना कराना अनिवार्य है। अन्यथा की स्थिति में मेडिकल मुआयना कराने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। लेकिन पुलिस महकमा दुष्कर्म मानने को तैयार नहीं है। बल्कि छेड़खानी मानकर कोर्ट में 164 के तहत ब्यान का इंतजार कर रही है। यहां तक कि पीड़ित किशोरी के चाचा को उल्टा-सीधा समझाकर छेड़खानी का तहरीर ले लिया और पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों को मामले में लीलापोती की बू आने लगी है।
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इस बाबत जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डा. सुमिता सिन्हा का कहना है कि दुष्कर्म के मामले में जितना जल्द मेडिकल मुआयना होगा, उतना ही रिपोर्ट सहीं आएगी। विलंब होने पर रिपोर्ट निगेटिव आती है। क्योंकि शुक्राणु धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं। वहीं रेवती थानाध्यक्ष का कहना है कि सोमवार को किशोरी का बयान कोर्ट में होगा। इसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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