फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   42 schools being run without approval

बिना मान्यता चलाए जा रहे 42 विद्यालय

Sun, 24 Sep 2017 10:49 PM IST
ballia
ballia Updated Sun, 24 Sep 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
42 schools being run without approval
school - फोटो : अमर उजाला
शिक्षा क्षेत्र बेलहरी में विभाग से बिना मान्यता लिए अभी भी लगभग 42 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। शासन के आदेश के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने तीन साल से लगातार इन स्कूलों को नोटिस दे रहा है, लेकिन आज एक भी स्कूल बंद नहीं हुए। बीते जुलाई माह में खंड शिक्षाधिकारी बेलहरी ने बिना मान्यता के चल रहे 42 विद्यालयों को नोटिस जारी कर तत्काल बंद करने को कहा था। जानकारों की मानें तो यह विद्यालय विभाग के शह पर ही संचालित हो रहे हैं।
विज्ञापन


शासन की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों में संख्या के साथ गुणवत्ता पूर्वक पूर्ण शिक्षा दी जाय ताकि देश का विकास हो सके। सरकार की योजनाओं पर बिना मान्यता वाले विद्यालय पलिता लगा रहे है। सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित अध्यापक तो जरुर है, लेकिन संसाधन के अभाव में बच्चों का सरकारी स्कूलों से मोह भंग हो गया है। यही कारण है कि चट्टी-चौराहे पर अवैध स्कूलों की भरमार हो गई है। अभिभावक हाड़तोड़ मेहनत करते हैं, ताकि नौनिहालों को अच्छी शिक्षा मिल सके, लेकिन सरकार व विभाग की ढुलमुल रवैया के कारण ऐसा नहीं हो पाता है। गैर सरकारी स्कूलों पर उच्चाधिकारियों का हनक नहीं बन पाता है। इसलिए सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या निरंतर घट रही है जो सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन


 अवैध स्कूल मंहगी फीस के साथ ड्रेस, टाई-बेल्ट, किताब-कापी आदि समाग्रियों पर भी काफी पैसा वसूलने का काम करते है। ये विद्यालय पूरी तरह निरंकुश हो गए है और कहने मात्र को विभाग की देख-रेख में संचालित होते हैं। अकेले बेलहरी ब्लाक में लगभग 42 विद्यालय अवैध रुप से संचालित हो रहे है। जुलाई माह में शासन के पत्र के क्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी पत्र जारी कर जिले में बिना मान्यता संचालित होने वाले विद्यालयों पर लगाम लगाने के लिए सभी बीईओ को निर्देश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस समय तत्कालीन एबीएसए बेलहरी अनिल कुमार ने भी पत्र लिखकर सभी न्याय पंचायतों के एनपीआरसीओं को निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि पत्र प्राप्त करने के साथ ही विद्यालय को बंद करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो दस हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना देना होगा। लेकिन विभागीय अधिकारियों के लापरवाही के कारण एक भी स्कूल बंद नहीं हो सके। हालांकि पिछले तीन वर्षों से लगातार विभाग द्वारा विद्यालयों को बंद करने का नोटिस दिया जा रहा है। लेकिन कोई उस पर अमल नहीं करता है। सूत्र बताते है कि विभाग के मिली भगत से ही अवैध विद्यालयों का धंधा दिनोंदिन फूल फल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed