फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   अफसर लापरवाह, भूमाफियाओं की मौज

अफसर लापरवाह, भूमाफियाओं की मौज

Sun, 08 Oct 2017 11:27 PM IST
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:27 PM IST
विज्ञापन
अफसर लापरवाह, भूमाफियाओं की मौज
बलिया। सरकारी जमीनों पर कब्जे को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से भूमाफियाओं की सूची बना कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था। लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते भूमाफियाओं की मौज है। हालांकि प्रशासन का दावा कर रहा है कि चिह्नित किए गए 1800 में से 1500 से अधिक अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन

अवैध कब्जे और भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर आठ मई को शासनादेश जारी हुआ था। निर्देश था कि प्रभावशाली व दबंग व्यक्तियों, विकास व निर्माण कर्ताओं, राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों तथा स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी भूमियों, धार्मिक संस्थानों, प्रतिष्ठानों, लावारिस संपत्तियों के अलावा गरीब व कमजोर व्यक्तियों की भूमियों पर अवैध कब्जा को हटाया जाए। खासकर ग्रामसभाओं भूमि, तालाब, पोखर, चारागाह, कब्रिस्तान, श्मशान, कुंआ, सड़क किनारे की जमीन, चकमार्ग, चकनाली आदि का प्रावधान था। लेकिन जिले में इस पर अपेक्षित काम नहीं हुआ। खासकर अतिक्रमण हटाने के मामले में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उदासीनता बरती है। हालांकि शासन के निर्देश पर जिले में एंटी भूमाफिया टास्क समिति का गठन किया गया है। कुछ दिन पहले हुई समिति की बैठक में डीएम सुरेन्द्र विक्रम ने राजस्व तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को अवैध कब्जे हटाने तथा भूमाफियाओं को चिह्नित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों की मानें तो कुल 1800 मामले चिह्नित किए गए थे और 1500 से अधिक अतिक्रमण को हटाने का काम भी किया गया है। अधिकारियों की मानें तो जिले में कोई भूमाफिया नहीं है। लेकिन अधिकांश इलाकों से आज भी अधिकारियों से लेकर तहसील दिवस तक अवैध कब्जे और अतिक्रमण की शिकायतें पहुंच रही हैं। इन शिकायतों के बावत निस्तारण तो दूर राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई तक नहीं की जाती है।
विज्ञापन

बतौर उदाहरण सोहांव ब्लाक के भरौली गांव में स्थित गड़हियों पर किए गए अवैध कब्जा हटाने के लिए गांव के चंद्रमणि राय ने बीते छह माह में एक दर्जन बार शिकायत की और कई बार तहसील दिवस पर गुहार लगाई। लेकिन अतिक्रमण हटाना तो दूर राजस्व विभाग की टीम कभी मौके पर भी नहीं पहुंची। इतना ही तहसीलदार ने अप्रैल महीने में तहसील दिवस की शिकायत के निस्तारण में उल्लेख कर दिया कि शिकायतकर्ता की ओर से कब्जा के बाबत कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है और इसके लिए शिकायतकर्ता वाद दाखिल कर सकता है। इसी गांव की आशा देवी की जमीन पर दबंगों ने मकान बनवा लिया लेकिन शिकायत के बाद बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध कब्जा हटाने तथा भूमाफियाओं को चिह्नित करने को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है। खासकर राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सरकार का यह अभियान परवान नहीं चढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
जनपद में एंटी भू-माफिया टास्क कमेटी का गठन किया गया है। अतिक्रमण से संबंधित किसी भी मामले में त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। जनपद में अभी तक कोई भू-माफिया सामने नहीं आया है लेकिन अतिक्रमण के मामले आते हैं और कार्रवाई भी होती है।
मनोज सिंघल, अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed