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द्वाबा में तस्करों के लिए सेफ जोन बने हैं खेत
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:48 PM IST
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बैरिया। तहसील क्षेत्र के खेतों में हरियाली फसल उगाने व पशुओं का पालन कर दूध की गंगा बहाने को लेकर दशकों से द्वाबा का पहचान बना था। लेकिन वर्तमान में अब खेतों में शराब पैदा की जा रही है। आलम यह है कि कई जगहों पर पुलिस ने छापेमारी कर खेतों को खोदकर भारी मात्रा में शराब बरामद करने का काम किया है। इस समय बैरिया तहसील क्षेत्र में अवैध शराब व लाल बालू का खेल जोरों पर चल रहा है।
इन दिनों द्वाबा क्षेत्र में अंधेरा कायम होते ही अवैध शराब व लाल बालू का धंधा चालू हो जाता है। इस मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों की पिटाई के बाद से प्रशासन माफियाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लगा है। बिहार से लाल बालू का आयात होता है तो उप्र से शराब बिहार में निर्यात होता है। आलम यह है कि शराब व लाल बालू के खेल में पुलिस भी प्रतिदिन गोता लगा रही है। इस खेल में पुलिस के साथ ही सफेदपोश लोगों का भी संरक्षण रहता है। यह किसी से छुपा नहीं है।
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इन दिनों द्वाबा क्षेत्र में अंधेरा कायम होते ही अवैध शराब व लाल बालू का धंधा चालू हो जाता है। इस मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों की पिटाई के बाद से प्रशासन माफियाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लगा है। बिहार से लाल बालू का आयात होता है तो उप्र से शराब बिहार में निर्यात होता है। आलम यह है कि शराब व लाल बालू के खेल में पुलिस भी प्रतिदिन गोता लगा रही है। इस खेल में पुलिस के साथ ही सफेदपोश लोगों का भी संरक्षण रहता है। यह किसी से छुपा नहीं है।
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