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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The son never made it home; instead, news of his death arrived

Delhi NCR News: मां खाना बनाकर रखना, मैं 4.30 बजे तक आ जाऊंगा, बेटा तो नहीं पहुंचा, आई मौत की खबर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 07:02 PM IST
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: खबर-1
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संजय झील में नहाने के दौरान तीन दोस्तों के डूबने का मामला
-हादसे में सौरभ डूबने से हुई मौत, मां खाना लेकर बेटे का करती रही इंतजार, रात आठ बजे बेटे की मौत की खबर मिली, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, बुधवार किया गया अंतिम संस्कार
-सेना या पुलिस में जाने की तैयारी कर रहा था सौरभ, पार्ट टाइम रैपिडो बाइक चलाता था सौरभ, पिता और बड़ा भाई करते हैं छोटा-मोटा परिवार की मदद करने के लिए चलाता था रैपिडो
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
मां मैं 4.30 बजे तक घर आ जाऊंगा, तुम खाना बनाकर रखना, बेटा तो नहीं पहुंचा, सौरभ की मौत की खबर पहुंची। यह बताते हुए उसके परिजन रो पड़े। मंगलवार को संजय झील में डूबने वाले सौरभ अपनी मां से यही कहकर घर से निकले थे और रात 8 बजे उनके मौत की खबर मिली। दो दिन पहले संजय झील में डूबने से साहिल खान, आशीष नौटियाल और सौरभ कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिवारों के हवाले कर दिए। साहिल को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया, जबकि सौरभ और आशीष का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एलबीएस अस्पताल में एरिया के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों ने संजय झील की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि संजय झील में कोई गार्ड व सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। अक्सर यहां पर कोई न कोई हादसा या वारदात होती रहती हैं। इसको लेकर प्रशासन को देखना चाहिए। पांडव नगर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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सेना व दिल्ली पुलिस में भर्ती होने का सपना लेकर चला गया सौरभ : सौरभ अपने परिवार के साथ 11-ब्लॉक, कल्याणपुरी में रहता था। पिता विनोद कुमार, मां प्रभा देवी, बड़ा भाई सोनू और एक बहन तन्नू है। सौरभ के चचेरे भाई हेेमंत ने बताया कि साहिल, आशीष और सौरभ तीनों ही बचपन के दोस्त थे। तीनों एक ही साथ स्कूल में पढ़े भी थे। 12वीं पास करने के बाद सौरभ पत्राचार से बीए कर रहा था। इसके अलावा वे सेना और पुलिस में भर्ती की तैयारी भी कर रहा था। रोजाना वह फिजिकल की तैयारी के लिए दौड़ने भी जाता था। पिता विनाेद कुमार व भाई सोनू प्राइवेट नौकरी करते हैं। इससे घर का गुजारा नहीं हो पाता है। ऐसे में सौरभ की घर में आर्थिक मदद के लिए पार्ट टाइम रैपिडो बाइक चलाकर घर को सहारा बनता था। मंगलवार दोपहर 12 बजे के समय तीनों दोस्त घर से निकले। सौरभ मां से खाना बनाकर रखने के लिए कहकर गया। उसने कहा कि वह साढ़े 4 बजे तक आ जाएगा। मां उसका इंतजार करती रही, लेकिन 8 बजे उसकी मौत की खबर आई। हेमंत ने बताया कि एक जुलाई को सौरभ ने अपना जन्मदिन मनाया था। उसमें परिजनों के अलावा दोस्त भी शामिल हुए थे।
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