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एक पखवाड़े बाद भी आरोपी पकड़ से दूर
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:24 AM IST
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बलिया। उभाव थाना क्षेत्र के बलिया-मऊ सीमा के अहीरूपुर हाहानाला पुल के पास भाजपा नेता मुरली वर्मा पर जानलेवा हमला मामले में हत्यारोपी एक पखवारे बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
मालूम हो कि 16 जुलाई 2018 की सुबह करीब आठ बजे बदमाशों ने हत्या करने के उद्देश्य से भाजपा नेता मुरली वर्मा समेत तीन लोगों को गोली चलाई थी। जिसके बाद तीनों लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने घायल भाजपा नेता के भाई रामलखन सोनी के तहरीर पर दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दिया था। लेकिन एक पखवारा बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
तहरीर में उल्लेख किया था कि मेरे भाई प्रेमचंद वर्मा की दो मार्च 2012 को बदमाशों ने हत्या कर दिया था। इस मामले में भाई रमेश की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें घायल मेरा भाई मुरली वर्मा गवाह था। मुकदमा में गवाही न देने के लिए मुरली को कई बार जान से मारने की धमकी मिली थी। धमकी से घबराए मुरली ने तीन फरवरी 2016 को उभांव थाने में दो लोगों के खिलाफ तहरीर दिया था। जिसे पुलिस गंभीरता से नहीं लेते हुए एनसीआर दर्ज कर खानापूर्ति कर दिया था।
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जिसका नतीजा रहा कि 16 जुलाई की सुबह बदमाशों ने हमला कर दिया था। जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली भी घटना स्थल पर पहुंच घटना का जायजा लिया था। इस मामले में पुलिस ने घायल भाजपानेता के भाई रामलखन के तहरीर पर दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई। लेकिन घायल अजीत यादव की ओर से कोई तहरीर नहीं दिया गया है। एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि भाजपानेता के भाई के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और घायल का बयान भी दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में मृतक प्रेम वर्मा की हत्या की घटना का मामला प्रकाश में आ रहा है। वैसे जांच चल रही है, सबकुुछ सामने आ जाएगा और आरोपी भी शीघ्र गिरफ्तार होंगे।
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मालूम हो कि 16 जुलाई 2018 की सुबह करीब आठ बजे बदमाशों ने हत्या करने के उद्देश्य से भाजपा नेता मुरली वर्मा समेत तीन लोगों को गोली चलाई थी। जिसके बाद तीनों लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने घायल भाजपा नेता के भाई रामलखन सोनी के तहरीर पर दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दिया था। लेकिन एक पखवारा बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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तहरीर में उल्लेख किया था कि मेरे भाई प्रेमचंद वर्मा की दो मार्च 2012 को बदमाशों ने हत्या कर दिया था। इस मामले में भाई रमेश की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें घायल मेरा भाई मुरली वर्मा गवाह था। मुकदमा में गवाही न देने के लिए मुरली को कई बार जान से मारने की धमकी मिली थी। धमकी से घबराए मुरली ने तीन फरवरी 2016 को उभांव थाने में दो लोगों के खिलाफ तहरीर दिया था। जिसे पुलिस गंभीरता से नहीं लेते हुए एनसीआर दर्ज कर खानापूर्ति कर दिया था।
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जिसका नतीजा रहा कि 16 जुलाई की सुबह बदमाशों ने हमला कर दिया था। जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली भी घटना स्थल पर पहुंच घटना का जायजा लिया था। इस मामले में पुलिस ने घायल भाजपानेता के भाई रामलखन के तहरीर पर दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई। लेकिन घायल अजीत यादव की ओर से कोई तहरीर नहीं दिया गया है। एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि भाजपानेता के भाई के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और घायल का बयान भी दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में मृतक प्रेम वर्मा की हत्या की घटना का मामला प्रकाश में आ रहा है। वैसे जांच चल रही है, सबकुुछ सामने आ जाएगा और आरोपी भी शीघ्र गिरफ्तार होंगे।