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पुलिस ने दरवाजा तोड़ विवाहिता की बचाई जान
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:39 AM IST
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बेल्थरारोड। उभांव थाना क्षेत्र के तिरनई खिजिरपुर में सोमवार की शाम पारिवारिक कलह से क्षुब्ध विवाहिता द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने के पूर्व उसे बचा लिया गया। मौके पर पहुंची 100 नंबर पुलिस ने दरवाजा तोड़ पंखे के हुक से लटकी विवाहिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी जान बचाई।
तिरनई खिजिरपुर निवासी जय गोविंद की शादी एक वर्ष पूर्व नीरज देवी पुत्री स्व. राजेंद्र प्रसाद के साथ हुई थी। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होता रहा था। सोमवार की शाम विवाहिता ने कमरे को अंदर से बंद कर दिया तथा गले में फांसी का फंदा लगाकर पंखे के हुक से लटक गई। इसकी भनक लगते ही नीरज की सास ने उसके मायके में चाचा को फोन करने के साथ ही 100 नंबर डायल कर पुलिस को खबर दी। कुछ समय के बाद चाचा राम बाबू के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोहे की रॉड से दरवाजा तोड़ पंखे से नीरज को नीचे उतार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उसे होश आया।
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तिरनई खिजिरपुर निवासी जय गोविंद की शादी एक वर्ष पूर्व नीरज देवी पुत्री स्व. राजेंद्र प्रसाद के साथ हुई थी। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होता रहा था। सोमवार की शाम विवाहिता ने कमरे को अंदर से बंद कर दिया तथा गले में फांसी का फंदा लगाकर पंखे के हुक से लटक गई। इसकी भनक लगते ही नीरज की सास ने उसके मायके में चाचा को फोन करने के साथ ही 100 नंबर डायल कर पुलिस को खबर दी। कुछ समय के बाद चाचा राम बाबू के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोहे की रॉड से दरवाजा तोड़ पंखे से नीरज को नीचे उतार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उसे होश आया।
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