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सीवर निर्माण में भ्रष्टाचार: जल निगम के 12 अधिकारियों पर परिवाद दर्ज

Sat, 15 Feb 2020 10:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 10:51 PM IST
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Corruption in sewer construction: Complaint lodged against 12 officials of Jal Nigam
बलिया। भ्रष्टाचार के चलते 13 वर्ष बाद भी सीवर का निर्माण नहीं होने के मामले में इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह के प्रार्थनापत्र पर सीजेएम की अदालत ने जल निगम के 12 अधिकारियों पर परिवाद दर्ज किया है। अदालत ने माना है कि परिवाद दर्ज करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं।
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वर्ष 2006-07 में 97.22 करोड़ की लागत से शहर में सीवर योजना शुरू हुई थी। इसमें सीवर लाइन व एसटीपी का निर्माण होना था। लेकिन पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई और 13 वर्ष बाद भी न तो सीवर बना और न एसटीपी। करीब सात माह पहले तत्कालीन डीएम ने सख्ती की तो तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने 31 जुलाई 19 को मे. ज्योति बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड को समय वृद्धि एवं बैंक गारंटी के संबंध में पत्र जारी कर कहा था कि उनकी ओर से अभी तक विभाग में समय वृद्धि के लिए आवेदन नहीं किया गया है। इसके बाद अधीक्षण अभियंता आजमगढ़ ने निर्माण की समय सीमा जुलाई 19 तक बढ़ा दी थी। अधिशासी अभियंता ने एक अगस्त 19 को डीएम को पत्र भेज कर कर बताया कि मेसर्स ज्योति बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दी गई बैंक गारंटी नकली है और 30 लाख के बैंक गारंटी को तीन करोड़ छह लाख 76 हजार एक सौ किया गया है। तत्कालीन एक्सईएन ने यह भी बताया था कि 10 करोड़ 27 लाख 38 हजार रुपये का भुगतान जनवरी 2019 में अमृत सीवरेज हाउस कनेक्टिंग चेंबर योजना में किया गया है। सीवर व एसटीपी निर्माण की कई बार हुई जांच में कई अनियमितताएं मिली थीं। टीएसी जांच में भी भ्रष्टाचार और अनियमितता सामने थीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सात माह पहले तत्कालीन एक्सईएन कायम हुसैन ने 11 अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने इन जांच रिपोर्टों के साथ सीजेएम कोर्ट में आवेदन देकर जल निगम के 12 अधिकारियों पर केस दर्ज कराने की गुहार लगाई। इस पर विचार के बाद सीजेएम रमेश कुशवाहा ने जल निगम के सभी 12 अधिकारियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को परिवाद दर्ज किया है।
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इन पर दर्ज हुआ परिवाद
एक्सईएन कायम हुसैन, एक्सईएन आरएस शुक्ला, एक्सईएन एके श्रीवास्तव, एक्सईएन फणींद्र राय, एक्सईएन कमलेश सिंह, एक्सईएन अलाऊद्दीन खां एई आलोक कुमार जायसवाल, एई नीरज कुमार, एई वीके जायसवाल, एई सुबा सिंह, जेई आरपी राय व जेई राजेंद्र प्रसाद।
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कार्यदायी संस्था हो चुकी है डिफाल्टर
जल निगम ने शहर में सीवर निर्माण का ठेका ज्योति बिल्ड टेक को दिया था। काम में सुस्ती और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांचों के आधार पर शासन ने कुछ दिनों पहले ही इस संस्था को डिफाल्टर घोषित कर दिया। यह संस्था झारखंड में भी इसी तरह से कार्य पूरा नहीं करने पर ब्लैक लिस्टेड हो चुकी है।

कोट
सीवर निर्माण का कार्य कराने वाली संस्था ज्योति बिल्ड टेक को विभाग ने डिफाल्टर घोषित कर दिया है। शासन स्तर से नई एजेंसी तय करने के लिए प्रक्रिया की जा रही है। कोर्ट में परिवाद दर्ज होने की जानकारी अभी नहीं मिली है।-अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम, बलिया।
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