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बलिया: मार्च बाद शुरू हो जाएगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण
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बलिया। गाजीपुर के जंगीपुर से छपरा के रिविलगंज तक बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण मार्च बाद शुरू हो जाएगा। अधिग्रहण के क्रम में 60 फीसदी भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है। एनएचएआई की ओर से टेंडर भी फाइनल किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, मार्च बाद कार्य शुरू हो जाएगा। कुल तीन एजेंसियां अलग-अलग चार हिस्से में कार्य शुरू करेगी।
117.12 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जिले से होकर गुजरेगी। जिले में कुल करीब 65 किमी की लंबाई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण होना है, जो चितबड़ागांव से फेफना, माल्देपुर, हल्दी, बैरिया, चांददियर होते हुए मांझी घाट के बाद बिहार में प्रवेश कर जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दी गई है। जबकि जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी यूपीडा को दी गई है। यूपीडा जमीनों के अधिग्रहण को लेकर कार्रवाई में जुटी है।
एक्सप्रेस-वे जनपद में तहसील सदर के 72 और बैरिया के 16 गांवों से होकर गुजरेगा और मांझी घाट पुल से जुड़ेगा। सदर और बैरिया तहसील के गांवों के किसानों से लगभग 765 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जानी है। जमीनों के बैनामा का कार्य भी चल रहा है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को चार पैकेज में बांटा गया है।
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एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, तीन एजेंसियों की ओर से चार पार्ट में कार्य कराया जाएगा। एजेंसियों से अनुबंध की कार्रवाई चल रही है। हालांकि अधिकारी का यह भी कहना है कि जमीनों के अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होने के बाद कार्य शुरू होगा। उधर, सीआरओ अनिल कुमार अग्निहोत्री ने दावा किया कि जिले में करीब 60 फीसदी जमीनों का बैनामा हो चुका है और अभी भी यह प्रक्रिया चल रही है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे निर्माण को लेकर एजेंसियों के अनुबंध आदि का कार्य चल रहा है। जमीनों के बैनामा का कार्य भी जिलों में चल रहा है। उम्मीद है कि मार्च बाद कार्य शुरू हो जाएगा। - एसपी पाठक, पीडी, एनएचएआई, आजमगढ़
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117.12 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जिले से होकर गुजरेगी। जिले में कुल करीब 65 किमी की लंबाई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण होना है, जो चितबड़ागांव से फेफना, माल्देपुर, हल्दी, बैरिया, चांददियर होते हुए मांझी घाट के बाद बिहार में प्रवेश कर जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दी गई है। जबकि जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी यूपीडा को दी गई है। यूपीडा जमीनों के अधिग्रहण को लेकर कार्रवाई में जुटी है।
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एक्सप्रेस-वे जनपद में तहसील सदर के 72 और बैरिया के 16 गांवों से होकर गुजरेगा और मांझी घाट पुल से जुड़ेगा। सदर और बैरिया तहसील के गांवों के किसानों से लगभग 765 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जानी है। जमीनों के बैनामा का कार्य भी चल रहा है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को चार पैकेज में बांटा गया है।
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एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, तीन एजेंसियों की ओर से चार पार्ट में कार्य कराया जाएगा। एजेंसियों से अनुबंध की कार्रवाई चल रही है। हालांकि अधिकारी का यह भी कहना है कि जमीनों के अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होने के बाद कार्य शुरू होगा। उधर, सीआरओ अनिल कुमार अग्निहोत्री ने दावा किया कि जिले में करीब 60 फीसदी जमीनों का बैनामा हो चुका है और अभी भी यह प्रक्रिया चल रही है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे निर्माण को लेकर एजेंसियों के अनुबंध आदि का कार्य चल रहा है। जमीनों के बैनामा का कार्य भी जिलों में चल रहा है। उम्मीद है कि मार्च बाद कार्य शुरू हो जाएगा। - एसपी पाठक, पीडी, एनएचएआई, आजमगढ़