फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Considering half the population weak, so do not distribute tickets to them

आधी आबादी को कमजोर आंकते, इसलिए उनमें टिकट नहीं बांटते

Sat, 22 Jan 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Considering half the population weak, so do not distribute tickets to them
बलिया। आधुनिकता के इस दौर में हर क्षेत्र में महिलाएं, पुरुषों के साथ कदमताल कर रही हैं, लेकिन जिले में आजादी के करीब बाद अब तक उस हिसाब से राजनीतिक भागीदारी हासिल नहीं हुई, जिसकी वह हकदार है। केंद्र से लगायत प्रदेश सरकार की ओर से महिला उत्थान को लेकर तमाम कवायद और दावे किए जाते रहे हैं। सियासी समीकरण बनाने और बिगाड़ने में भी अहम रही महिलाओं में से अब तक सिर्फ दो महिला जनप्रतिनिधि ही अब तक विधान सभा पहुंच सकी है। जबकि लोकसभा या राज्यसभा में अभी तक इनका खाता भी नहीं खुला है। चुनावों में टिकट के मामले में इनकी भागीदारी उस हिसाब से नहीं हो पाती, जिस हिसाब से होनी चाहिए। सभी प्रमुख दल आधी आबादी को कमजोर आंकते हुए इनको टिकट देने से कतराते रहे है।
विज्ञापन

----
ये रही मतदाताओं की संख्या
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो किसी प्रमुख दलों से महिलाओं की भागीदारी नगण्य थी। उस समय जिले में महिला मतदाताओं की संख्या 10 लाख 59 हजार 692 और पुरुष मतदाता 12 लाख 88 हजार 240 थे। पिछले विधानसभा चुनाव में 58.61 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था, जबकि 50.93 प्रतिशत पुरुष वोट दिए थे। विधानसभावार भी आधी आबादी वोट देने में पुरुषों से कहीं आगे रही। एक बार फिर विधानसभा चुनाव की तैयारी हो चुकी है। टिकट के दावेदारों में कई महिलाएं भी शामिल हैं। ऐसे में राजनीतिक दल कितनी महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
विज्ञापन

---
विजयलक्ष्मी और मंजू के बाद नहीं बनीं कोई विधायक
पुरुषों के साथ हर जगह हमसफर बन चुकीं महिलाओं को चुनाव लड़ाने पर हर पार्टी पीछे नजर आती हैं। यहीं कारण है कि अब तक हुए विधानसभा चुनाव में जिले की दो महिलाएं ही विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहीं। 80 के दशक में बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से तब के कद्दावर कांग्रेस नेता बच्चा पाठक को विजयलक्ष्मी ने शिकस्त देकर दो बार विधायक बनी थीं। इसी प्रकार 1996 के उपचुनाव में निर्दल और साल 2007 में बलिया नगर विधानसभा से मंजू सिंह बसपा के टिकट पर विधानसभा पहुंच सकी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
भाजपा ने नही दिया था केतकी को टिकट
वर्ष 2017 में बासंडीह विधान में अपनी मजबूत स्थिति होने के बावजूद भाजपा ने केतकी सिंह को टिकट नहीं दिया। हालांकि निर्दल चुनाव लड़कर वह दूसरे स्थान पर रहीं और पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी से मामूली अंतर से चुनाव हार गईं। इस बार एक बार फिर वह भाजपा से टिकट की मजबूत दावेदार हैं।

---
नए वोटर बनने में भी आगे हैं महिलाएं
साल 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार जिले में नए महिला वोटरों की संख्या 33,055 है। जबकि युवा 30,732 ही हैं। लोकतंत्र के महापर्व में यह नए मतदाता पहली बार आहुति देंगे। नए वोटर बनने में रसड़ा, फेफना, बलिया नगर, बांसडीह और बैरिया विधानसभा क्षेत्र में बेटियों ने बढ़त बनाई है, जबकि बिल्थरारोड और सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में नए पुरुष वोटर आगे हैं।
---
2017 के मतदान की स्थिति
विधानसभा बेल्थरारोड
1,81,618 : पुरुष मतदाता
57.79 : पुरुष मतदान प्रतिशत
1,50,550: महिला मतदाता
63.02: महिला मतदान प्रतिशत
---
रसड़ा विधानसभा
1,83,963: पुरुष मतदाता
52.62: पुरुष मतदान प्रतिशत
1,50,355: महिला मतदाता
63.35 : महिला मतदान प्रतिशत
---
सिकंदरपुर विधानसभा
1,57,337: पुरुष मतदाता
51.99: पुरुष मतदान प्रतिशत
1,28,630: महिला मतदाता
63.60: महिला मतदान प्रतिशत
---
फेफना विधानसभा
1,71,020: पुरुष मतदाता
53.91: पुरुष मतदान प्रतिशत
1,42,626: महिला मतदाता
59.85: महिला मतदान प्रतिशत
---
बलिया नगर विधानसभा
1,97,296: पुरुष मतदाता
50.74: पुरुष मतदान प्रतिशत
1,59,495: महिला मतदाता
53.11: महिला मतदान प्रतिशत
---
बांसडीह विधानसभा
2,08,587: पुरुष मतदाता
50.89 : पुरुष मतदान प्रतिशत
1,75,535: महिला मतदाता
58.44: महिला मतदान प्रतिशत
-----
बैरिया विधानसभा
1,88,419: पुरुष मतदाता
45.06: पुरुष मतदान प्रतिशत
1,52,501: महिला मतदाता
50.02: महिला मतदान प्रतिशत
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed