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फरियादी हुए पुलिस के हवाले
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Tue, 16 Dec 2014 11:15 PM IST
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बांसडीह में मंगलवार को तहसील सभागार में जिलाधिकारी यशवंत राव की अध्यक्षता में मुख्य तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इसमें एक जमीन विवाद के मामले में आए फरियादी आपस में ही भिड़ गए।
इस पर सख्त डीएम ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। तहसील दिवस को लेकर लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई और अनुपस्थित अधिशासी अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दिया। इस दौरान कुल 135 शिकायती पत्र सामने आए, जिसमें से 16 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
तहसील दिवस में उस समय अधिकारी और अन्य लोग हक्काबक्का रह गए जब सहतवार थाना क्षेत्र के चांदपुर नई बस्ती निवासी लक्ष्मण और शंभू जमीन पैमाइश को लेकर आपस में भिड़ गए।
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डीएम ने दोनों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया। तहसील दिवस में सबसे अधिक पेंशन, राशन, पुलिस और राजस्व संबंधी मामले आए। फरियाद लेकर तहसील दिवस पर पहुंचे हुसैनाबाद निवासी अनिल सिंह ने गांव में बने शौचालय निर्माण की जांच की मांग की तो इसी गांव के चंद्रशेखर सिंह ने अवैध कब्जे की शिकायत की।
कोलकाला गांव की राजकुमारी ने विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। डीएम ने प्रोबेशन अधिकारी एके पांडेय को कार्रवाई का निर्देश दिया। इसी क्रम में एक पैमाइश का मुकदमा सुनने के बाद डीएम ने उप जिलाधिकारी से कहा कि इस वाद के निस्तारण की रूपरेखा आज ही तैयार करें।
खोरौली के अनंत वर्मा ने अवैध तरीके से पैमाइश करने पर लेखपाल और प्रधान की शिकायत की। इसी प्रकार तिवारी गांव के बब्बन सिंह ने अराजी से बेदखल की तो चांदपुर नई बस्ती के परमात्मा ने मुख्य मार्ग से जुड़े आम रास्ते पर अवरोध पैदा करने की शिकायत की। सभी शिकायतों को सुनने के बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया।
कहा कि जनता की शिकायत का निस्तारण समयांतर्गत करें। विलंब होने की दशा में कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वहीं इस दौरान अनुपस्थित ईओ अविनाश मल्ल का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इस मौके पर एसपी राजूबाबू सिंह, सीडीओ केबाला जी, सीएमओ डा. पीके सिंह, एसडीएम बांसडीह घनश्याम त्रिपाठी, डीएसओ रामेंद्र यादव, बीएसए राकेश सिंह समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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इस पर सख्त डीएम ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। तहसील दिवस को लेकर लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई और अनुपस्थित अधिशासी अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दिया। इस दौरान कुल 135 शिकायती पत्र सामने आए, जिसमें से 16 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
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तहसील दिवस में उस समय अधिकारी और अन्य लोग हक्काबक्का रह गए जब सहतवार थाना क्षेत्र के चांदपुर नई बस्ती निवासी लक्ष्मण और शंभू जमीन पैमाइश को लेकर आपस में भिड़ गए।
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डीएम ने दोनों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया। तहसील दिवस में सबसे अधिक पेंशन, राशन, पुलिस और राजस्व संबंधी मामले आए। फरियाद लेकर तहसील दिवस पर पहुंचे हुसैनाबाद निवासी अनिल सिंह ने गांव में बने शौचालय निर्माण की जांच की मांग की तो इसी गांव के चंद्रशेखर सिंह ने अवैध कब्जे की शिकायत की।
कोलकाला गांव की राजकुमारी ने विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। डीएम ने प्रोबेशन अधिकारी एके पांडेय को कार्रवाई का निर्देश दिया। इसी क्रम में एक पैमाइश का मुकदमा सुनने के बाद डीएम ने उप जिलाधिकारी से कहा कि इस वाद के निस्तारण की रूपरेखा आज ही तैयार करें।
खोरौली के अनंत वर्मा ने अवैध तरीके से पैमाइश करने पर लेखपाल और प्रधान की शिकायत की। इसी प्रकार तिवारी गांव के बब्बन सिंह ने अराजी से बेदखल की तो चांदपुर नई बस्ती के परमात्मा ने मुख्य मार्ग से जुड़े आम रास्ते पर अवरोध पैदा करने की शिकायत की। सभी शिकायतों को सुनने के बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया।
कहा कि जनता की शिकायत का निस्तारण समयांतर्गत करें। विलंब होने की दशा में कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वहीं इस दौरान अनुपस्थित ईओ अविनाश मल्ल का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इस मौके पर एसपी राजूबाबू सिंह, सीडीओ केबाला जी, सीएमओ डा. पीके सिंह, एसडीएम बांसडीह घनश्याम त्रिपाठी, डीएसओ रामेंद्र यादव, बीएसए राकेश सिंह समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।