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करोड़ों की टैक्स बसूली में पालिका नाकाम, धन की कमी का रो रही रोना
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बलिया। नगरपालिका के लाइसेंस, गृहकर, जलकर, जलमूल्य, दुकानों का कर, आवासीय प्लाट कर, छज्जा कर के रूप में करोड़ों का टैक्स बकाया है। यहीं नहीं विभिन्न सरकारी विभाग भी नगरपालिका के करोड़ों रुपये दबाकर बैठे हैं। वहीं, नगर पालिका कर्मचारियों के वेतन, मानदेय और अन्य बकाए के लिए पैसा न होने का रोना रो रही है। पालिका की ओर से जल्द टैक्स वसूली के लिए अभियान चलाने की बात कही जा रही है।
कोरोना काल में राज्य वित्त की धनराशि क्या कम हुई, कर्मचारियों के वेतन, मानदेय के साथ ही पेंशन आदि जैसे अन्य भुगतान के लिए नगरपालिका परिषद दिक्कतों का रोना रो रही है। सार्वजनिक रूप से भी इसे स्वीकार किया गया है। शहर के कई सरकारी और गैर सरकारी भवनों से नगरपालिका कई तरीके के टैक्स वसूलती है। इससे पालिका को प्रतिवर्ष लाखों की आय होती है। अर्जित धनराशि से नगरपालिका अपने संसाधन बढ़ाने और कर्मचारियों आदि पर खर्च करती है। कई साल से निजी संस्थानों, आम नागरिकों के साथ ही सरकारी विभाग टैक्स अदा करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। टैक्स वसूल न होने से पालिका की हालत दिनोंदिन पतली होती जा रही है।
रेलवे, डाक और बिजली विभाग सबसे बड़े बकाएदार
बलिया। गृहकर और जलकर में रेलवे नगरपालिका की सबसे बड़ी बकाएदार है। रेलवे पर लगभग 10 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। डाक विभाग पर पालिका का 2.50 करोड़ बकाया है। बकाए को लेकर आम नागरिकों और सरकारी विभागों की बत्ती गुल करने वाला बिजली विभाग पर पालिका का लगभग 1.50 करोड़ रुपये बकाया है। इसके साथ ही बीएसएनएल पर लगभग 40 लाख, पुलिस पर 15 लाख, पीडब्ल्यूडी पर 2.50 लाथ, विकास भवन पर 40 लाख, जिला अस्पताल पर 2.5 लाख, महिला अस्पताल पर 12 लाख, जीजीआईसी पर छह लाख रुपये बकाया है।
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कोरोना काल में राज्य वित्त की धनराशि क्या कम हुई, कर्मचारियों के वेतन, मानदेय के साथ ही पेंशन आदि जैसे अन्य भुगतान के लिए नगरपालिका परिषद दिक्कतों का रोना रो रही है। सार्वजनिक रूप से भी इसे स्वीकार किया गया है। शहर के कई सरकारी और गैर सरकारी भवनों से नगरपालिका कई तरीके के टैक्स वसूलती है। इससे पालिका को प्रतिवर्ष लाखों की आय होती है। अर्जित धनराशि से नगरपालिका अपने संसाधन बढ़ाने और कर्मचारियों आदि पर खर्च करती है। कई साल से निजी संस्थानों, आम नागरिकों के साथ ही सरकारी विभाग टैक्स अदा करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। टैक्स वसूल न होने से पालिका की हालत दिनोंदिन पतली होती जा रही है।
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रेलवे, डाक और बिजली विभाग सबसे बड़े बकाएदार
बलिया। गृहकर और जलकर में रेलवे नगरपालिका की सबसे बड़ी बकाएदार है। रेलवे पर लगभग 10 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। डाक विभाग पर पालिका का 2.50 करोड़ बकाया है। बकाए को लेकर आम नागरिकों और सरकारी विभागों की बत्ती गुल करने वाला बिजली विभाग पर पालिका का लगभग 1.50 करोड़ रुपये बकाया है। इसके साथ ही बीएसएनएल पर लगभग 40 लाख, पुलिस पर 15 लाख, पीडब्ल्यूडी पर 2.50 लाथ, विकास भवन पर 40 लाख, जिला अस्पताल पर 2.5 लाख, महिला अस्पताल पर 12 लाख, जीजीआईसी पर छह लाख रुपये बकाया है।
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