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Ballia News: किताबी ज्ञान के साथ बच्चों को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर

Fri, 09 Jan 2026 11:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:14 PM IST
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Children will be made self-reliant with bookish knowledge.
पंदह। अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई सिर्फ कॉपी-किताब तक सीमित नहीं रहेगी। कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर बच्चे मशीन, औजार और हुनर से रूबरू होंगे। बुनियादी शिक्षा को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में सरकार ने बड़ा प्रयोग शुरू किया है। आईटीआई की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों में ट्रेड वाइज प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है, जहां इसी शैक्षिक सत्र से लर्निंग बाय डूइंग के जरिये बच्चे पढ़ते-पढ़ते काम करना भी सीखेंगे। यह पहल कम उम्र में बच्चों को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाएगी।
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इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले से कुल 109 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें परिषदीय विद्यालयों के 42 शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के 16, पीएमश्री विद्यालयों के 5 शिक्षक, 2 डायट प्रवक्ता और 1 जिला समन्वयक शामिल हैं। यह प्रशिक्षण राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में संपन्न हुआ, जहां शिक्षकों को व्यावहारिक शिक्षा के आधुनिक तौर-तरीकों से परिचित कराया गया।
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चार ट्रेडों में हुआ प्रशिक्षण

लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, एग्रीकल्चर नर्सरी, होम एंड हेल्थ सहित कुल चार प्रमुख ट्रेड में दक्ष बनाया गया। इसके अंतर्गत बच्चों को फिटिंग, फिटर, वेल्डिंग, बागवानी, सिलाई-कढ़ाई और फूड प्रोडक्ट तैयार करने जैसे कार्यों का प्रशिक्षण देने के लिए शिक्षकों को ट्रेंड किया गया।
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109 विद्यालयों में इस सत्र से शुरू होगा प्रशिक्षण

विभाग इस सत्र से चयनित 109 परिषदीय विद्यालयों में यह प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। शासन स्तर से योजना को स्वीकृति और बजट भी मिल चुका है। शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए 66 और 2024-25 के लिए 43 विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान शैक्षिक सत्र के जिन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है उसमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के 16, पीएम श्री विद्यालय के 5, डायट के 2 और 1 डीसी कम्युनिटी शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र सीयर के 4, बैरिया, दुबहड़, नगरा, पंदह, सोहांव के 3- 3 और बांसडीह, बेलहरी, बेरूआरबारी, चिलकहर, गड़वार, हनुमानगंज, मनियर, मुरलीछपरा, नवानगर, रसड़ा और रेवती के 2- 2 विद्यालयों के एक - एक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। अगले सत्र में योजना के दायरे को और बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्र ‘लर्निंग बाय डूइंग’ के माध्यम से हुनरमंद बन सकें।


परिषदीय विद्यालयों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। ट्रेड वाइज प्रशिक्षण से बच्चे कम उम्र में हुनरमंद बनेंगे और आगे चलकर स्वरोजगार के लिए भी सक्षम होंगे। यह पहल शिक्षा को रोजगारोन्मुख और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। - मनीष कुमार सिंह, बीएसए।
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