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Ballia News: वाहन चलाते 680 नाबालिगों का काटा चालान, अभिभावकों पर होगा केस
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बलिया। नाबालिगों के वाहन चलाने पर यातायात पुलिस सख्ती कर रही है। ट्रैफिक पुलिस ने पांच जुलाई से चल रहे अभियान के तहत दोपहिया, ई-रिक्शा सहित अन्य वाहन चलाते मिलने पर 680 किशोरों का चालान काटा है। अभिभावकों को चालान की राशि जमा करनी पड़ेगी। समय से जमा न करने पर अभिभावकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।
बृहस्पतिवार को भी ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। ऐसे 50 वाहन पकड़े गए, जिनको नाबालिग चला रहे थे। उनको जागरूक करते हुए चालान काटा गया। कुछ ने अभिभावकों को बुलाकर चालान जमा किया, पुलिस ने इन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया। शहर के विभिन्न स्कूलों में बच्चे वाहन लेकर आते-जाते हैं। कई स्कूलों में वाहनों को एंट्री नहीं है तो बच्चे वाहनों को आसपास खड़ा करते हैं। बैटरी संचालित वाहन चलाने वाले नाबालिगों की संख्या भी अधिक है। 18 साल से कम आयु पर चालक लाइसेंस नहीं बनता है।
एआरटीओ अरुण राय ने बताया कि 16 साल से 18 साल के बीच नाबालिग 50 सीसी का वाहन चला सकते हैं। मगर, पेट्रोल और बैटरी के वाहन भी 50 सीसी के नहीं आ रहे हैं। नाबालिगों के वाहन चलाने पर पुलिस अब कार्रवाई करेगी। बच्चों के वाहन चलाने पर अभिभावक और वाहन स्वामी जिम्मेदार होंगे। इसके लिए पांच से 20 जुलाई तक जागरूकता व चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस स्कूलों में जाकर नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने को लेकर जागरूक कर रही है । ट्रैफिक प्रभारी समद खां ने बताया की मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 5 के तहत नाबालिग को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो अभिभावक को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना और 3 माह तक की सजा का प्रावधान है। इस धारा में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस ही तहरीर देगी। पुलिसकर्मी को वादी बनाया जाएगा। विवेचना कर चार्जशीट लगाई जाएगी। आरोपी अभिभावकों को बनाया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को भी ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। ऐसे 50 वाहन पकड़े गए, जिनको नाबालिग चला रहे थे। उनको जागरूक करते हुए चालान काटा गया। कुछ ने अभिभावकों को बुलाकर चालान जमा किया, पुलिस ने इन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया। शहर के विभिन्न स्कूलों में बच्चे वाहन लेकर आते-जाते हैं। कई स्कूलों में वाहनों को एंट्री नहीं है तो बच्चे वाहनों को आसपास खड़ा करते हैं। बैटरी संचालित वाहन चलाने वाले नाबालिगों की संख्या भी अधिक है। 18 साल से कम आयु पर चालक लाइसेंस नहीं बनता है।
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एआरटीओ अरुण राय ने बताया कि 16 साल से 18 साल के बीच नाबालिग 50 सीसी का वाहन चला सकते हैं। मगर, पेट्रोल और बैटरी के वाहन भी 50 सीसी के नहीं आ रहे हैं। नाबालिगों के वाहन चलाने पर पुलिस अब कार्रवाई करेगी। बच्चों के वाहन चलाने पर अभिभावक और वाहन स्वामी जिम्मेदार होंगे। इसके लिए पांच से 20 जुलाई तक जागरूकता व चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस स्कूलों में जाकर नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने को लेकर जागरूक कर रही है । ट्रैफिक प्रभारी समद खां ने बताया की मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 5 के तहत नाबालिग को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो अभिभावक को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना और 3 माह तक की सजा का प्रावधान है। इस धारा में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस ही तहरीर देगी। पुलिसकर्मी को वादी बनाया जाएगा। विवेचना कर चार्जशीट लगाई जाएगी। आरोपी अभिभावकों को बनाया जाएगा।
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