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शाम तक तीज की रौनक से चमके बाजार
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:18 PM IST
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तीज व्रत की तैयारी के क्रम में शनिवार को अपने हाथों पर मेहंदी रचातीं महिलाएं।
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उत्तम पति पाने के लिए तथा अखंड सौभाग्य के लिए मनाए जाने वाले हरितालिका तीज की तैयारियों को लेकर शनिवार को देर शाम तक बाजार में चहल-पहल रही। महिलाओं द्वारा फलों , व्रत के सामान, कपड़ों की खरीदारी की वजह से बाजार में खूब भीड़भाड़ रही। फलों के भाव भी अन्य दिनों की अपेक्षा तेज रहे। \
कई दिनों पूर्व से ही त्योहार की तैयारियों में महिलाएं लगीं रहीं। शनिवार को भी कहीं कपड़ों-गहनों की खरीद होती रही तो सौदर्य प्रसाधनों की दूकान पर भी शाम तक भीड़ लगी रही। ब्यूटी पार्लरों की भी चांदी रही। वहां भी संजने-सवरने के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा। विभिन्न जगहों पर हाथों में मेंहदी रचवाने के लिए सुहागिनों की भीड़ देखते ही बन रही थी। इसके लिए 100 से लेकर 500 तक वसूले गए। हालांकि महिलाओं ने इसे बड़ेही शौक से खर्च किया।
फलों की कीमतें भी अन्य दिनों की तुलना में चढ़े रहे। सेव 100 से लेकर 150 तक बिके। केला भी 25 रुपये दर्जन से लेकर 40 तक बिका। महिलाएं पूरे दिन निराजल व्रत रहकर सायंकाल विधिवत मंडप में स्थापित भगवान शिव एवं पार्वती की प्रतिमा का पूजन करती है। साथ ही उत्तम और दीर्घायु पति की कामना करती है। थम्हनपुरा निवासी पंडित अभय प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने भाद्रपद शुक्लपक्ष तृतीया को अपने सखियों के साथ भगवान शिव की पूजा कर उन्हें पति कि रूप में पाया था
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कई दिनों पूर्व से ही त्योहार की तैयारियों में महिलाएं लगीं रहीं। शनिवार को भी कहीं कपड़ों-गहनों की खरीद होती रही तो सौदर्य प्रसाधनों की दूकान पर भी शाम तक भीड़ लगी रही। ब्यूटी पार्लरों की भी चांदी रही। वहां भी संजने-सवरने के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा। विभिन्न जगहों पर हाथों में मेंहदी रचवाने के लिए सुहागिनों की भीड़ देखते ही बन रही थी। इसके लिए 100 से लेकर 500 तक वसूले गए। हालांकि महिलाओं ने इसे बड़ेही शौक से खर्च किया।
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फलों की कीमतें भी अन्य दिनों की तुलना में चढ़े रहे। सेव 100 से लेकर 150 तक बिके। केला भी 25 रुपये दर्जन से लेकर 40 तक बिका। महिलाएं पूरे दिन निराजल व्रत रहकर सायंकाल विधिवत मंडप में स्थापित भगवान शिव एवं पार्वती की प्रतिमा का पूजन करती है। साथ ही उत्तम और दीर्घायु पति की कामना करती है। थम्हनपुरा निवासी पंडित अभय प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने भाद्रपद शुक्लपक्ष तृतीया को अपने सखियों के साथ भगवान शिव की पूजा कर उन्हें पति कि रूप में पाया था
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