{"_id":"66f52d837641b718cd05abd4","slug":"boy-died-after-drowning-in-saryu-river-in-ballia-2024-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"दर्दनाक: बेटे के लिए मां ने रखा था निर्जला व्रत, आंखों के सामने से ओझल हुआ कलेजे का टुकड़ा; डूबने से हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दर्दनाक: बेटे के लिए मां ने रखा था निर्जला व्रत, आंखों के सामने से ओझल हुआ कलेजे का टुकड़ा; डूबने से हुई मौत
Thu, 26 Sep 2024 03:16 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 26 Sep 2024 03:16 PM IST
सार
बलिया जिले में जीवित्पुत्रिका व्रत कर बेटे की लंबी उम्र की कामना कर मां गंगा स्नान करने गई। इस दौरान मां के साथ गया बेटा नदी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
मृतक की फाइल फोटो व रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपने पुत्र के दीर्घायु के लिए बुधवार को जीवित्पुत्रिका व्रत रही मां के आंखों के सामने से उसका पुत्र ओझल हो गया। सरयू नदी में उसका शव बरामद हुआ। महिला व्रत के परिपेक्ष्य में स्नान करने के लिए सरयू नदी के तट पर गई थी। पुत्र भी जिद कर उसके साथ चला गया था। स्नान के दौरान डूबने से बेटे की मौत हो गई। घटना से परिजनों के साथ ही गांव में कोहराम मचा है।
विज्ञापन
यह है पूरा मामला
मनियर थाना क्षेत्र के सरवार ककरघट्टी गांव निवासी मुन्ना राजभर का पुत्र मनीष उर्फ दीपू (13) की मां जीवित्पुत्रिका व्रत के दिन गांव की महिलाओं के साथ सरयू नदी स्नान करने जा रही थी। मनीष मां के साथ स्नान करने जाने के लिए जिद करने लगा। अपनी मां और दोस्तों के साथ नदी के तट पर पतार घाट पर चला गया।
विज्ञापन
मनीष की मां स्नान कर घाट पर पूजा करने लगी। दोस्तों के साथ स्नान करते समय मनीष अचानक गहरे पानी में डूब गया। उसके दोस्तों ने अपने बीच मनीष को नदीं देखा तो ढूंढना शुरू किया। पानी में डूबा देख किसी तरह से उसको बाहर निकाला। उसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर ले गए, जहां से जिला अस्पताल बलिया रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि बालक की मौत मनियर हॉस्पिटल पर ही हो गई थी, लेकिन मामले को टालते हुए वहां उपस्थित कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। माता बिंदू देवी, बड़े भाई सोनू राजभर, बहन अंजू व संजू का रो- रोकर बुरा हाल है। मां दहाड़े मारकर रो रही थी। मनीष एक प्राइवेट विद्यालय के कक्षा पांच का होनहार छात्र था।