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नाव पलटी, एक की मौत
ballia
Updated Fri, 22 Sep 2017 10:08 PM IST
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नाव हादसे के बाद डूबे युवकों की खोजबीन करते गोताखोर।
- फोटो : ballia
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लिलकर दियारे में शुक्रवार की सुबह किसानों और मजदूरों से भरी नाव (डेगी) घाघरा नदी में असंतुलित होकर पलट गई। नाव में 14 लोग सवार थे। घटना में एक की मौत हो गई जबकि 11 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। दो अभी भी लापता हैं। सुरक्षित निकाले गए लोगों में से तीन महिलाओं को गंभीर हालत में सीएचसी सिकंदरपुर में भर्ती कराया गया जहां एक को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक संजय यादव, एसडीएम सिकंदरपुर राजेश कुमार यादव, सीओ सिकंदरपुर श्रीभगवान सहाय, तहसीलदार आलोक कुमार, बीडीओ चंद्रमोहन कन्नौजिया समेत अन्य जनप्रतिनिधि घटना स्थल पर पहुंच गए।
सिंकंदरपुर थाना क्षेत्र के लिलकर गांव के बिंद टोली निवासी रामदेव बिंद (58), शम्भू बिंद (55), जानकी (18) पुत्री अगरचंद बिंद, लक्ष्मीनिया (55) पत्नी अगरचंद, चमेली (60) पत्नी हरख बिंद, बदमिया (55) पत्नी सुबास, रामायण (60), ओमप्रकाश (50), राजू (30), हरख (50), शिवानंद (45), राजनाथ चौधरी (50), किशुन (26), संगीता (20) पुत्री हरख डेग्गी नाव पर सवार होकर पशुओं के चारा के लिए नदी पार जा रहे थे। जैसे ही नाव धार में पहुंची, वैसे ही असंतुलित होकर पलट गई। जिसमें नाव पर सवार सभी लोग डुबने लगे। जिसमें रामदेव बिंद की डूबने से मौत हो गई। जबकि शंभू बिंद व जानकी अभी भी लापता हैं। जिनकी तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है। जबकि शेष 11 लोगों को ग्रामीणों व गोताखोरों के सहयोग से बचा लिया गया।
इसमें लक्ष्मीनिया देवी, चमेली देवी व बदनिया देवी की हालत नाजुक देख लोगों ने सीएचसी सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां चमेली देवी की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। नाव रामदयाल राजभर की थी। नाव को कौन चला रहा था। यह बताने वाला कोई नहीं मिला। इस बाबत सिकंदरपुर सीओ श्रीभगवान सहाय ने बताया कि प्रतिदिन की भांति लीलकर गांव के लोग पशुओं का चारा लेने के लिए नदी पार जा रहे थे। धार में नाव पड़ने के कारण असंतुलित होकर पलट गई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि दो लोग लापता हैं। जिनकी तलाश जारी है। शेष लोगों को सकुशल बचा लिया गया है।
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सिंकंदरपुर थाना क्षेत्र के लिलकर गांव के बिंद टोली निवासी रामदेव बिंद (58), शम्भू बिंद (55), जानकी (18) पुत्री अगरचंद बिंद, लक्ष्मीनिया (55) पत्नी अगरचंद, चमेली (60) पत्नी हरख बिंद, बदमिया (55) पत्नी सुबास, रामायण (60), ओमप्रकाश (50), राजू (30), हरख (50), शिवानंद (45), राजनाथ चौधरी (50), किशुन (26), संगीता (20) पुत्री हरख डेग्गी नाव पर सवार होकर पशुओं के चारा के लिए नदी पार जा रहे थे। जैसे ही नाव धार में पहुंची, वैसे ही असंतुलित होकर पलट गई। जिसमें नाव पर सवार सभी लोग डुबने लगे। जिसमें रामदेव बिंद की डूबने से मौत हो गई। जबकि शंभू बिंद व जानकी अभी भी लापता हैं। जिनकी तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है। जबकि शेष 11 लोगों को ग्रामीणों व गोताखोरों के सहयोग से बचा लिया गया।
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इसमें लक्ष्मीनिया देवी, चमेली देवी व बदनिया देवी की हालत नाजुक देख लोगों ने सीएचसी सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां चमेली देवी की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। नाव रामदयाल राजभर की थी। नाव को कौन चला रहा था। यह बताने वाला कोई नहीं मिला। इस बाबत सिकंदरपुर सीओ श्रीभगवान सहाय ने बताया कि प्रतिदिन की भांति लीलकर गांव के लोग पशुओं का चारा लेने के लिए नदी पार जा रहे थे। धार में नाव पड़ने के कारण असंतुलित होकर पलट गई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि दो लोग लापता हैं। जिनकी तलाश जारी है। शेष लोगों को सकुशल बचा लिया गया है।
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