{"_id":"bc89da301d6e5adff63365d8cd70cdd0","slug":"bjp-oppose-the-amendment-bill-of-nagar-nigam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम संशोधन विधेयक का विरोध ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम संशोधन विधेयक का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2015 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा सरकार द्वारा नगर निगम संशोधन विधेयक 2015 लागू करने के विरोध में भाजपा सांसद भरत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। यहां पर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी खेमपाल सिंह को सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पूर्व भाजपा कार्यकर्ताओं जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय से जुलूस निकालकर सूबे की सरकार विरोधी नारे लगाते हुए हुए नगर का भी भ्रमण किया।
इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने के पश्चात कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बलिया लोकसभा सांसद भरत सिंह ने कहा कि उप्र सरकार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से महापौरों के अधिकार में कटौती की जा रही है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। कहा कि राज्य सरकार की ओर से नगर निगम संशोधन विधेयक 2015 जो सदन में प्रस्तुत किया गया वह भारतीय संविधान के 74वें संशोधन के विपरीत है।
कहा कि जिन महापौरों का चयन जनता द्वारा किया जाता है, उनको सत्ता का दुरुपयोग करके पद से हटाना लोकतंत्र का अपमान है। न्यायालय में सुनवाई का अवसर न देना न्यायपालिका का उल्लंघन है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने खिसकते जनाधार से परेशान होकर महापौरों के अधिकार में कटौती कर रही है। कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संशोधन विधेयक 2015 को हर हाल में समाप्त किया जाना चाहिए साथ ही जनता के अधिकार को सुरक्षित रखना चाहिए।
विज्ञापन
इस मौके पर विनोद शंकर दूबे, नकुल चौबे, मनोज श्रीवास्तव, प्रमिला गुप्ता, अनूप चौबे, भगवान पाठक, संजय मिश्र, नगेंद्र पांडेय, अरुण सिंह बंटू, संध्या पांडेय, अखिलेश राय, संजय मिश्र, सुनीता श्रीवास्तव आदि लोग
उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने के पश्चात कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बलिया लोकसभा सांसद भरत सिंह ने कहा कि उप्र सरकार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से महापौरों के अधिकार में कटौती की जा रही है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। कहा कि राज्य सरकार की ओर से नगर निगम संशोधन विधेयक 2015 जो सदन में प्रस्तुत किया गया वह भारतीय संविधान के 74वें संशोधन के विपरीत है।
विज्ञापन
कहा कि जिन महापौरों का चयन जनता द्वारा किया जाता है, उनको सत्ता का दुरुपयोग करके पद से हटाना लोकतंत्र का अपमान है। न्यायालय में सुनवाई का अवसर न देना न्यायपालिका का उल्लंघन है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने खिसकते जनाधार से परेशान होकर महापौरों के अधिकार में कटौती कर रही है। कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संशोधन विधेयक 2015 को हर हाल में समाप्त किया जाना चाहिए साथ ही जनता के अधिकार को सुरक्षित रखना चाहिए।
विज्ञापन
इस मौके पर विनोद शंकर दूबे, नकुल चौबे, मनोज श्रीवास्तव, प्रमिला गुप्ता, अनूप चौबे, भगवान पाठक, संजय मिश्र, नगेंद्र पांडेय, अरुण सिंह बंटू, संध्या पांडेय, अखिलेश राय, संजय मिश्र, सुनीता श्रीवास्तव आदि लोग
उपस्थित रहे।