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मूल्यों, संकल्पों व साहस की प्रतिमूर्ति थे मुरली बाबू: वीरेंद्र सिंह मस्त
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श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मनोरंजन भवन में मुरली बाबू की 125वीं जयंती समारो
- फोटो : BALLIA
बलिया। मुरली बाबू संसदीय कार्य में मूल्यों, संकल्पों व साहस की प्रतिमूर्ति थे। आज संसदीय राजनीति कई तरह की चुनौतियों से गुजर रही है। सबसे बड़ी चुनौती भरोसे के संकट की है। देश का लोकतंत्र संकट के दौर से नहीं बल्कि चिंता के दौर से गुजर रहा है। देश को इस चिंता से मुक्त करने की राह मुरली बाबू की ओर से स्थापित शिक्षण संस्थाओं से शुरू होनी चाहिए। ये बातें मंगलवार को श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मनोरंजन भवन में आयोजित मुरली बाबू की 125वीं जयंती वर्ष समारोह का उद्घाटन करते हुए सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहीं।
उन्होंने जेएनयू की चर्चा करते हुए कहा कि जिन शिक्षण संस्थाओं में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां होती हैं उन्हें कुछ दिनों के लिए बंद कर देना चाहिए। सीएए को लेकर हो रहे विरोध की चर्चा करते हुए कहा कि विपक्ष द्विराष्ट्रवाद की बात करनेवाले जिन्ना की भाषा बोल रहा है।
टाउन एजूकेशनल सोसायटी के कार्यकारी सचिव राकेश कुमार श्रीवास्तव ने सोसायटी का संक्षिप्त परिचय देते हुए मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त का स्वागत किया। कार्यकारी सचिव की पहल पर सांसद ने महाविद्यालय के विकास के लिए अपनी निधि से दस लाख रुपये देने की घोषणा की। सोसायटी की ओर से मुरली बाबू द्वारा स्थापित पांचों शिक्षण संस्थाओं के सर्वोच्च अंक प्राप्त छात्र व छात्राओं को मुख्य अतिथि की ओर से स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर श्री मुरली मनोहर स्नातकोत्तर महाविद्यालय व गुलाब देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षकों व शिक्षिकाओं की ओर से लिखित सात पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। सांसद ने महाविद्यालय की पत्रिका व छात्रसंघ की पत्रिका का भी विमोचन किया। अध्यक्षता सोसायटी के कार्यकारी अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रवाल व संचालन दयालानंद ने किया। इस अवसर पर पाचों शिक्षण संस्थाओं के प्रबंध समिति अध्यक्ष, मंत्री व कार्यकारिणी के सदस्य, सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षणेत्तर कर्मचारी व छात्र, छात्राएं उपस्थित थे।
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उन्होंने जेएनयू की चर्चा करते हुए कहा कि जिन शिक्षण संस्थाओं में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां होती हैं उन्हें कुछ दिनों के लिए बंद कर देना चाहिए। सीएए को लेकर हो रहे विरोध की चर्चा करते हुए कहा कि विपक्ष द्विराष्ट्रवाद की बात करनेवाले जिन्ना की भाषा बोल रहा है।
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टाउन एजूकेशनल सोसायटी के कार्यकारी सचिव राकेश कुमार श्रीवास्तव ने सोसायटी का संक्षिप्त परिचय देते हुए मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त का स्वागत किया। कार्यकारी सचिव की पहल पर सांसद ने महाविद्यालय के विकास के लिए अपनी निधि से दस लाख रुपये देने की घोषणा की। सोसायटी की ओर से मुरली बाबू द्वारा स्थापित पांचों शिक्षण संस्थाओं के सर्वोच्च अंक प्राप्त छात्र व छात्राओं को मुख्य अतिथि की ओर से स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर श्री मुरली मनोहर स्नातकोत्तर महाविद्यालय व गुलाब देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षकों व शिक्षिकाओं की ओर से लिखित सात पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। सांसद ने महाविद्यालय की पत्रिका व छात्रसंघ की पत्रिका का भी विमोचन किया। अध्यक्षता सोसायटी के कार्यकारी अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रवाल व संचालन दयालानंद ने किया। इस अवसर पर पाचों शिक्षण संस्थाओं के प्रबंध समिति अध्यक्ष, मंत्री व कार्यकारिणी के सदस्य, सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षणेत्तर कर्मचारी व छात्र, छात्राएं उपस्थित थे।