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Ballia News: आरोपी की तलाश में आई बिहार पुलिस ग्रामीणों के विरोध पर लौटी
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बलिया/ सागरपाली। फेफना थाना क्षेत्र अंतर्गत सागरपाली बाजार स्थित एक किराना व्यापारी के यहां बुधवार को बिहार की बक्सर पुलिस ने दबिश दी। बक्सर के तिलक राय के हाता थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस आई थी। साथ में फेफना पुलिस भी थी। दबिश के दौरान घर में बिना महिला जवान की तलाशी लेने पर ग्रामीण भड़क गए। विरोध करने लगे। इससे पुलिस को लौटना पड़ा।
सागरपाली के किराना व्यापारी की पुश्तैनी जमीन बक्सर के सिमरी के केशोपुर में है। उक्त जमीन को तीन भाइयों ने पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और बिहार के एक भाजपा नेता को 70 लाख में बिक्री तय की थी। भाजपा नेता ने तीनों भाइयों को 10.56 लाख रुपये बयाना के रूप में दिया था। शेष धनराशि रजिस्ट्री के समय देने की बात हुई। इस बीच भाजपा नेता ने उक्त जमीन पर विश्व की सबसे ऊंची प्रभु श्रीराम की 1008 फीट की प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करा दी।
राजस्व विभाग द्वारा नापी-जोखी के दौरान उक्त जमीन बिहार सरकार की निकली। इसको लेकर तीनों भाइयों पर सिमरी के तत्कालीन सीओ की मिलीभगत से कागज बनाने का आरोप लगाया। भाजपा नेता के पुत्र ने 16 अगस्त को तिलक राय के हाता थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें देवेंद्र प्रताप गिरि, सत्येंद्र प्रताप गिरि और नागेंद्र प्रताप गिरि को नामजद किया गया था। पुलिस ने मामले में दो नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि तीसरे आरोपी नागेंद्र प्रताप गिरि की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी, जिसमें ग्रामीणों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा।
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राजनैतिक दबाव में कराया मुकदमा
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी सत्येंद्र प्रताप के पुत्र वैभव गिरि ने बताया हमलोग बिहार के मूल निवासी हैं। बाढ़ व कटान के कारण चार पुश्त पूर्व सागरपाली में आगकर बस गए। छठवीं पीढ़ी केशोपुर में रहती थी। वहां हम लोगों के पूरे परिवार की 97 बीघा 14 कट्ठा जमीन है। सत्येंद्र कुंवर से 70 लाख में जमीन बिक्री तय हुई थी, उन्होंने पिता व चाचा को बयाना के रूप में 10.56 लाख रुपये दिए थे। राजनैतिक दबाव में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। जमीन का पुश्तैनी कागज हम लोगों के पास है। मामला कोर्ट में है, न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। आज कुछ लोग झारखंड नंबर की गाड़ी से वर्दी में आकर छानबीन करने लगे, उनके पास महिला पुलिस भी नहीं थी। इसका विरोध करने पर वापस चले गए।
बक्सर जिले के वांछित को पकड़ने के लिए बिहार पुलिस आई थी। फेफना थाने से दो जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि पुलिस को विरोध के कारण लौटना पड़ा। -बृज मोहन सरोज, प्रभारी फेफना।
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सागरपाली के किराना व्यापारी की पुश्तैनी जमीन बक्सर के सिमरी के केशोपुर में है। उक्त जमीन को तीन भाइयों ने पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और बिहार के एक भाजपा नेता को 70 लाख में बिक्री तय की थी। भाजपा नेता ने तीनों भाइयों को 10.56 लाख रुपये बयाना के रूप में दिया था। शेष धनराशि रजिस्ट्री के समय देने की बात हुई। इस बीच भाजपा नेता ने उक्त जमीन पर विश्व की सबसे ऊंची प्रभु श्रीराम की 1008 फीट की प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करा दी।
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राजस्व विभाग द्वारा नापी-जोखी के दौरान उक्त जमीन बिहार सरकार की निकली। इसको लेकर तीनों भाइयों पर सिमरी के तत्कालीन सीओ की मिलीभगत से कागज बनाने का आरोप लगाया। भाजपा नेता के पुत्र ने 16 अगस्त को तिलक राय के हाता थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें देवेंद्र प्रताप गिरि, सत्येंद्र प्रताप गिरि और नागेंद्र प्रताप गिरि को नामजद किया गया था। पुलिस ने मामले में दो नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि तीसरे आरोपी नागेंद्र प्रताप गिरि की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी, जिसमें ग्रामीणों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा।
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राजनैतिक दबाव में कराया मुकदमा
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी सत्येंद्र प्रताप के पुत्र वैभव गिरि ने बताया हमलोग बिहार के मूल निवासी हैं। बाढ़ व कटान के कारण चार पुश्त पूर्व सागरपाली में आगकर बस गए। छठवीं पीढ़ी केशोपुर में रहती थी। वहां हम लोगों के पूरे परिवार की 97 बीघा 14 कट्ठा जमीन है। सत्येंद्र कुंवर से 70 लाख में जमीन बिक्री तय हुई थी, उन्होंने पिता व चाचा को बयाना के रूप में 10.56 लाख रुपये दिए थे। राजनैतिक दबाव में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। जमीन का पुश्तैनी कागज हम लोगों के पास है। मामला कोर्ट में है, न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। आज कुछ लोग झारखंड नंबर की गाड़ी से वर्दी में आकर छानबीन करने लगे, उनके पास महिला पुलिस भी नहीं थी। इसका विरोध करने पर वापस चले गए।
बक्सर जिले के वांछित को पकड़ने के लिए बिहार पुलिस आई थी। फेफना थाने से दो जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि पुलिस को विरोध के कारण लौटना पड़ा। -बृज मोहन सरोज, प्रभारी फेफना।