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लाठीचार्ज के विरोध में धरना-प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:14 PM IST
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कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते उप्र माध्यमिक शिक्षणेत्तर एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर एसोसिएशन के आह्वान पर गत नौ अगस्त को लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके विरोध में प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने टाउन इंटर कालेज से जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट मनोहर प्रसाद को सौंपा।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुजतबा हुसैन ने कहा कि सरकार अपने किए हुए वादे से मुकर रही है। कहा कि शिक्षक पद पर पदोन्नति की मांग लंबे समय से चली आ रही है। बावजूद इसे अनसुना कर दिया जा रहा है। राज्य कर्मचारियों के समान समस्त सुविधाएं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को है। बावजूद इसके अवकाश, नकदीकरण, चिकित्सकीय सुविधा जैसी अन्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है। 2005 से नियुक्त शिक्षणेत्तर कर्मचारी पुरानी पेंशन से वंचित हैं।
कहा कि देश के कई प्रदेशों में यह सुविधा है। लेकिन उत्तर प्रदेश में इससे वंचित रखना अन्यायपूर्ण है। हुसैन ने कहा कि संघर्ष के अगले चरण में 19 से 21 सितंबर तक शिक्षा निदेशक लखनऊ के कार्यालय पर क्रमिक अनशन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। बावजूद मांगे पूरी नहीं हुई तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। धरना सभा की अध्यक्षता श्यामसुंदर उपाध्याय एवं संचालन संजय कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर प्रांतीय मंत्री लल्लन सिंह, मंडलीय मंत्री गुप्तेश्वर पाठक, प्रांतीय उपाध्यक्ष भोला सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशिभूषण उपाध्याय, रमाशंकर सिंह, राधेश्याम यादव, ओम प्रकाश सिंह आदि रहे।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुजतबा हुसैन ने कहा कि सरकार अपने किए हुए वादे से मुकर रही है। कहा कि शिक्षक पद पर पदोन्नति की मांग लंबे समय से चली आ रही है। बावजूद इसे अनसुना कर दिया जा रहा है। राज्य कर्मचारियों के समान समस्त सुविधाएं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को है। बावजूद इसके अवकाश, नकदीकरण, चिकित्सकीय सुविधा जैसी अन्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है। 2005 से नियुक्त शिक्षणेत्तर कर्मचारी पुरानी पेंशन से वंचित हैं।
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कहा कि देश के कई प्रदेशों में यह सुविधा है। लेकिन उत्तर प्रदेश में इससे वंचित रखना अन्यायपूर्ण है। हुसैन ने कहा कि संघर्ष के अगले चरण में 19 से 21 सितंबर तक शिक्षा निदेशक लखनऊ के कार्यालय पर क्रमिक अनशन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। बावजूद मांगे पूरी नहीं हुई तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। धरना सभा की अध्यक्षता श्यामसुंदर उपाध्याय एवं संचालन संजय कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर प्रांतीय मंत्री लल्लन सिंह, मंडलीय मंत्री गुप्तेश्वर पाठक, प्रांतीय उपाध्यक्ष भोला सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशिभूषण उपाध्याय, रमाशंकर सिंह, राधेश्याम यादव, ओम प्रकाश सिंह आदि रहे।
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